त्रिवेणीगंज की बेटी करेगी कर्तव्य पथ पर सलामी, एनएसएस स्वयंसेविका प्रिया राज का गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए ऐतिहासिक चयन

नजमुल हसनेन ज़की बिहार ब्यूरो

मधेपुरा।कोसी अंचल की धरती से निकलकर एक साधारण परिवार की बेटी ने असाधारण उपलब्धि हासिल की है। भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई टी. पी. कॉलेज, मधेपुरा की छात्रा एवं एनएसएस स्वयंसेविका प्रिया राज का चयन 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के लिए हुआ है। प्रिया राज अब देश के सबसे प्रतिष्ठित मंच कर्तव्य पथ (राजपथ) पर राष्ट्र को सलामी देती नजर आएंगी।

यह चयन न केवल प्रिया की व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे कोसी क्षेत्र, विश्वविद्यालय और बिहार के लिए गर्व का विषय है। उनका चयन मेहनत, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

ग्वालियर से दिल्ली तक: मेहनत का सफर

प्रिया राज का चयन ग्वालियर में आयोजित पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया। कठोर प्रशिक्षण, शारीरिक दक्षता, अनुशासन और नेतृत्व कौशल में उन्होंने ऐसा प्रभावशाली प्रदर्शन किया कि चयनकर्ताओं ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर की परेड के लिए चुना।

कोसी की बेटी, मजबूत पारिवारिक आधार

प्रिया राज सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या–05 की निवासी हैं। उनके पिता ललन कुमार दास व्यवसायी हैं, जबकि माता जुली कुमारी शिक्षिका हैं। संस्कार, शिक्षा और परिवार के सहयोग ने प्रिया को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया।

एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डा. सुधांशु शेखर ने बताया कि प्रिया शुरू से ही अनुशासित, मेधावी और लक्ष्य-केन्द्रित छात्रा रही हैं, जो हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाती हैं।

शिक्षा और सेवा का संतुलन

प्रिया राज की शैक्षणिक यात्रा भी उतनी ही प्रेरणादायक है।
उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय, सुपौल से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद अनूप लाल यादव महाविद्यालय, त्रिवेणीगंज से अंग्रेजी विषय में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। वर्तमान में वे टी. पी. कॉलेज, मधेपुरा से अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर (तृतीय सेमेस्टर) की छात्रा हैं।

इसके अलावा प्रिया ने राष्ट्रीय युवा महोत्सव, नासिक (महाराष्ट्र) और एडवेंचर कैंप, मनाली (हिमाचल प्रदेश) जैसे राष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी सक्रिय भागीदारी से पहचान बनाई है।

“एनएसएस ने मुझे पहचान दी”

अपने चयन पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रिया राज ने कहा,
“एनएसएस से जुड़ने के बाद मेरी जिंदगी को एक स्पष्ट दिशा मिली। मैंने सेवा, अनुशासन और नेतृत्व सीखा। अब मेरा सपना है कि अपने कार्यों से विश्वविद्यालय और बिहार का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करूं।”

विश्वविद्यालय में खुशी की लहर

प्रिया राज के चयन पर विश्वविद्यालय परिसर में हर्ष का माहौल है।
कुलपति प्रो. बी. एस. झा, कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार ठाकुर, एनएसएस क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार, टी. पी. कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. कैलाश प्रसाद यादव एवं एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डा. सुधांशु शेखर ने प्रिया को बधाई देते हुए इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

प्रेरणा बनीं प्रिया राज

प्रिया राज की यह उपलब्धि उन तमाम बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं।
जहाँ हौसले बुलंद हों, वहाँ मंज़िल खुद सलामी देती है—और प्रिया राज आज उसी हौसले का नाम हैं।

त्रिवेणीगंज की बेटी अब देश की बेटी बनकर कर्तव्य पथ पर इतिहास रचने जा रही है।

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