संवाददाता अमित कुमार, भागलपुर।
भागलपुर से एक मार्मिक मामला सामने आया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत के भागलपुर मुख्यालय में एक महिला रोते-बिलखते पहुंची और न्याय की गुहार लगाई।
पीड़िता गोराडीह थाना क्षेत्र के तरछा निवासी बाबूलाल शर्मा की बहू है। महिला ने बताया कि उसकी शादी करीब 13 वर्ष पूर्व बाबूलाल शर्मा के छोटे पुत्र उमेश शर्मा से धनकुंड मंदिर में हुई थी। शादी के कुछ वर्षों बाद उसके पति कैंसर की चपेट में आ गए और इलाज के बावजूद उनकी मृत्यु हो गई। पति की मौत और श्राद्धकर्म संपन्न होने के तुरंत बाद ही सास-ससुर ने उसे घर से निकाल दिया।
महिला ने कहा कि उसके एक पुत्र और एक पुत्री हैं, लेकिन अब उसके पास रहने का कोई ठिकाना नहीं है। वह दर-दर भटकने को मजबूर है और न्याय की मांग कर रही है।
इस मामले की जानकारी मिलते ही संगठन के मीडिया प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष विभूति सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया और तरछा पंचायत समिति सदस्य दिलीप महतो से दूरभाष पर संपर्क कर पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
इस दौरान संगठन के अन्य पदाधिकारी—नवीन कुमार सिंह, मनोज मंडल, प्रवीण कुमार, संजीव कुमार और योगेश कुमार वर्मा भी मौजूद रहे।
यह मामला ग्रामीण इलाकों में विधवा महिलाओं के अधिकारों और उनके संरक्षण की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
