अखंड सौभाग्य प्रेम और अटूट निष्ठा का प्रतीक बट सावित्री व्रत पूजा धूम धाम से सभी महिलाओं ने किया। रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार । अखंड सौभाग्य, प्रेम और अटूट निष्ठा का प्रतीक वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्येष्ठ मास की अमावस्या को मनाए जाने वाले इस पर्व में सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखती हैं। काफी संख्या में महिलाओं ने वटवृक्ष के नीचे सावित्री सत्यवान की कथा सुनी। पौराणिक कथा के अनुसार भद्रदेश के राजा अश्वपति और रानी मालवती की पुत्री सावित्री बेहद सुंदर, बुद्धिमान और धर्मपरायण थीं। विवाह योग्य होने पर सावित्री ने सत्यवान नामक राजकुमार को अपना वर चुना। वह अपने निर्णय पर अड़ी रही सावित्री और अंत में अपने पति को जीवित कर दिया।अंगारी लालूचक के पास बट पेड़ मंदिर प्रांगण भक्त महिलाएं पूजा अर्चना करते हुए देखी गई।

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