दल्लेगांव की अधूरी पुल-सड़क परियोजना फिर चर्चा में, मंत्री तक पहुंची ग्रामीणों की आवाज़
ठाकुरगंज, किशनगंज।
किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत दल्लेगांव पंचायत की वर्षों पुरानी अधूरी पुल एवं सड़क निर्माण परियोजना एक बार फिर सुर्खियों में है। पंचायतवासियों की लगातार मांग और दल्लेगांव पंचायत संघर्ष कमेटी के लंबे आंदोलन के बाद अब यह मामला बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री आदरणीय इंजीनियर कुमार शैलेंद्र जी तक पहुंच गया है।
भाजपा युवा मोर्चा किशनगंज के जिला अध्यक्ष श्री गौतम चंद्रवंशी ने इस गंभीर मुद्दे को लेकर मंत्री को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें अधूरे पुल निर्माण, शेष सड़क कार्य और लगातार बढ़ रहे नदी कटाव की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि करोड़ों की लागत से चल रही परियोजना वर्षों बाद भी अधूरी पड़ी है, जिससे हजारों ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है। अधूरे पुल के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। शादी-विवाह, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। वहीं नदी कटाव की वजह से कई किसानों की जमीन और आबादी क्षेत्र भी खतरे में आ गए हैं।
दल्लेगांव पंचायत संघर्ष कमेटी वर्ष 2018 से लगातार इस मुद्दे को लेकर आंदोलन, धरना, ज्ञापन और प्रशासनिक स्तर पर लड़ाई लड़ती आ रही है। संगठन के अध्यक्ष मोहम्मद जहुर आलम रज़वी के नेतृत्व में उपाध्यक्ष नदीम सरवर, मासूम रज़ा, नफीस आलम, सोहेल अख्तर, डॉ. रिजवान, वसीम अकरम, वसीम अख्तर एवं सुमन कुमार लगातार पंचायत की समस्याओं को लेकर आवाज़ बुलंद करते रहे हैं। संघर्ष कमेटी का कहना है कि यह सिर्फ पुल और सड़क का मामला नहीं बल्कि हजारों लोगों के जीवन और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों स्थानीय विधायक ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संज्ञान लिया था। वहीं जिला पदाधिकारी द्वारा स्थल निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाने से ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।
अब मंत्री स्तर तक मामला पहुंचने के बाद पंचायतवासियों को उम्मीद जगी है कि अधूरा पुल निर्माण कार्य जल्द पूरा होगा तथा नदी कटाव रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।
