बीएयू में राष्ट्रीय आम समागम-सह-कार्यशाला का भव्य समापन
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में आयोजित दो दिवसीय **राष्ट्रीय आम समागम-सह-कार्यशाला** का आज भव्य समापन हुआ। देश के आठ राज्यों से आम की लगभग *1,100 से अधिक किस्मों**की कुल 2,000 से अधिक प्रविष्टियाँ** प्राप्त हुईं। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने तकनीकी सत्रों में आम उत्पादन के विभिन्न वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
आज के कार्यक्रम में माननीय **राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त)** तथा बिहार सरकार के माननीय कृषि मंत्री **श्री विजय कुमार सिन्हा** ने **आभासी माध्यम** से आम उत्पादक किसानों को संबोधित किया तथा आम विविधता प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
विदित हो कि माननीय राज्यपाल एवं माननीय कृषि मंत्री को आज बिहार कृषि विश्वविद्यालय में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होकर राष्ट्रीय आम समागम में भाग लेना था, किन्तु भागलपुर हवाई अड्डे पर दृश्यता कम होने के कारण विमान की लैंडिंग संभव नहीं हो सकी और विमान वापस पटना लौट गया। इसके बावजूद कार्यक्रम निर्धारित समय पर प्रारंभ हुआ तथा माननीय राज्यपाल एवं कृषि मंत्री **लोक भवन, पटना* से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से भागलपुर के सांसद **श्री अजय मंडल**, भागलपुर के विधायक **श्री रोहित पांडे**, सुल्तानगंज के विधायक **श्री ललित नारायण मंडल**, पीरपैंती के विधायक **श्री मुरारी पासवान** तथा आईसीएआर, नई दिल्ली के सहायक निदेशक (उद्यानिकी) **डॉ. विश्वबंधु पटेल** उपस्थित रहे। माननीय कुलपति **डॉ. डी.आर. सिंह** ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया।
माननीय राज्यपाल सह कुलाधिपति ने अपने संबोधन में कहा कि वे इस कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने के लिए अत्यंत उत्साहित थे, लेकिन प्रतिकूल मौसम के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। उन्होंने आभासी माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में चल रही विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया तथा आम विविधता प्रदर्शनी देखने के उपरांत कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा अत्यंत समर्पण और उत्कृष्ट स्तर पर इस आयोजन का संचालन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस स्तर का आयोजन देश में विरले ही देखने को मिलता है।
उन्होंने कहा कि **आम प्रकृति की अनुपम देन है** तथा इसका सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व भी अत्यंत समृद्ध है। प्राचीन काल से बिहार आम उत्पादन के लिए प्रसिद्ध रहा है तथा वैशाली एवं नालंदा के आम्रवनों का उल्लेख अनेक ऐतिहासिक ग्रंथों में मिलता है। उन्होंने कहा कि **कृषि विकास में आम की महत्वपूर्ण भूमिका है।**
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वयं लखनऊ के रहने वाले हैं और उन्हें हमेशा लगता था कि वहां का आम सर्वश्रेष्ठ है, लेकिन बिहार आने के बाद उन्हें अनुभव हुआ कि बिहार का आम वास्तव में देश का सर्वश्रेष्ठ आम है। उन्होंने कहा कि बिहार में जितनी विविध किस्में पाई जाती हैं, उतनी शायद देश के किसी अन्य राज्य में नहीं मिलतीं। उन्होंने सुझाव दिया कि अगले वर्ष इस आयोजन का समय मौसम को ध्यान में रखते हुए कुछ पहले निर्धारित किया जाए तथा यह आश्वासन भी दिया कि वे अगले वर्ष स्वयं इस कार्यक्रम में अवश्य शामिल होंगे।
माननीय कृषि मंत्री **श्री विजय कुमार सिन्हा** ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक आम के पीछे किसानों की मेहनत और प्रकृति का आशीर्वाद निहित है। उन्होंने कहा कि भागलपुर का **जर्दालू आम** आज विश्वभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है, जिसमें बिहार कृषि विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने विश्वविद्यालय को आश्वस्त किया कि कृषि विभाग उसके सभी प्रगतिशील एवं नवाचार आधारित कार्यों में निरंतर सहयोग करता रहेगा।
माननीय कुलपति **डॉ. डी.आर. सिंह** ने कहा कि आम के विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर यह एक अभूतपूर्व आयोजन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में बिहार देश का **नंबर-1 आम उत्पादक राज्य** बनेगा।
*सफल आम उत्पादकों को मिला सम्मान*
**प्रगतिशील उत्पादक पुरस्कार**
* श्री चंदन आर्य (जोन-02)
* श्री अशोक चौधरी (जोन-03A)
* श्री महेंद्र कुमार (जोन-03B)
**महिला उद्यमी सम्मान**
* स्वर्ण संध्या भारती (बांका)
* निशा किरण (भागलपुर)
* रिंकू देवी (बांका)
* रंजू प्रकाश (बांका)
* प्रेमलता (मुंगेर)
*उत्कृष्ट प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित*
राष्ट्रीय आम प्रदर्शनी-सह-कार्यशाला 2026 में उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय आम प्रदर्शनी में दो हजार से अधिक प्रदर्शनों को **57 विभिन्न समूहों** में विभाजित किया गया था। इन समूहों में देश के विभिन्न राज्यों से लाई गई आम की उत्कृष्ट किस्मों तथा आम आधारित मूल्य संवर्धित उत्पादों का विशेषज्ञों द्वारा गुणवत्ता, आकर्षण, आकार, रंग, स्वाद एवं अन्य वैज्ञानिक मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। प्रत्येक समूह में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रदर्शकों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
प्रदर्शनी में बिहार के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल एवं झारखंड के प्रतिभागियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। भागलपुर के **मनीष कुमार** एवं **रेखा चन्द्रा** ने अनेक श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त किए, जबकि पश्चिम बंगाल के मालदा के **बिमान मंडल** ने लंगड़ा, हिमसागर, मल्लिका एवं आम्रपाली जैसी प्रमुख किस्मों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
नालंदा के **राजेश कुमार सिंह** एवं **सोनू कुमार**, भोजपुर के **उपेन्द्रनाथ सिंह** एवं **गौतम कुमार**, मुंगेर के **आनंद मोहन सिंह**, पूर्णिया के **शशि भूषण सिंह**, जहानाबाद के **गणेश पासवान**, खगड़िया के **शमसुल इस्लाम** तथा बांका के **प्रियव्रत शर्मा** ने भी विभिन्न समूहों में पुरस्कार अर्जित किए।
आम आधारित मूल्य संवर्धित उत्पादों की प्रतियोगिता में सबौर की **श्रेया रानी** एवं **निशा किरण**, तथा खनकिट्टा (सबौर) की **मालती देवी** ने विभिन्न श्रेणियों में अनेक पुरस्कार प्राप्त कर विशेष पहचान बनाई।
*आम ज्ञान प्रतियोगिता*
किसान वर्ग में **सत्यम कुमार** (नालंदा) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। **अनुज कुमार महतो** (गोड्डा, झारखंड) एवं **विवेक कुमार** (भोजपुर) संयुक्त रूप से द्वितीय तथा **विनायक कुमार यादव** (रोहतास) तृतीय स्थान पर रहे।
विद्यार्थी वर्ग में स्नातक स्तर पर **गौतम कुमार** एवं **शुभम कुमार** संयुक्त प्रथम, **राहुल कुमार** द्वितीय तथा **अरुणिमा सिंह** तृतीय रहीं।
स्नातकोत्तर स्तर पर **शिवम कुमार** प्रथम, **सचिन कुमार** द्वितीय एवं **ज्योति कुमारी** तृतीय रहीं।
पीएच.डी. स्तर पर **शोमिया सुमन** प्रथम, **रजनी राज** द्वितीय तथा **निवेदित देव** एवं **शिवानी तिवारी** संयुक्त तृतीय रहे।
## आम खाओ प्रतियोगिता रही आकर्षण का केंद्र
आयोजन का प्रमुख आकर्षण **”आम खाओ प्रतियोगिता”** रही।
किसान वर्ग में **एम.डी. रहीम विश्वास** प्रथम, **कुमोद कुमार** द्वितीय तथा **अभिजीत राय** तृतीय रहे।
छात्र वर्ग में **मंजीत शुक्ला** प्रथम, **अभय पांडेय** द्वितीय तथा **सुमन कुमार** तृतीय रहे।
छात्राओं के वर्ग में **सृष्टि कुमारी** प्रथम, **मीनाक्षी कुमारी** द्वितीय तथा **मनीषा कुमारी** तृतीय रहीं।
बाल वर्ग में **रौनक शर्मा** प्रथम, **आयुषी बाला** द्वितीय तथा **श्याम कुमार** तृतीय रहे।
अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि राष्ट्रीय आम प्रदर्शनी-सह-कार्यशाला का उद्देश्य उत्कृष्ट आम किस्मों का संरक्षण एवं संवर्धन, किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना तथा आम के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना है। विश्वविद्यालय ने सभी विजेताओं एवं प्रतिभागियों को बधाई देते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
