संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर बिहार
स्थान: होटल आमंत्रण, भेरायटी चौक, भागलपुर
डिजिटल क्रांति, इकोसिस्टम एवं ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर स्टारलाईट कंप्यूटर सेंटर का भव्य सेमिनार आयोजित
योगमाया फाउंडेशन द्वारा संचालित स्टारलाईट कंप्यूटर सेंटर के तत्वावधान में आज दिनांक 28 जून 2026 को होटल आमंत्रण, भेरायटी चौक, भागलपुर के सभागार में “डिजिटल क्रांति, एजुकेशन इकोसिस्टम एवं ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी” विषय पर एक भव्य सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा जगत, सामाजिक क्षेत्र एवं तकनीकी क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के निदेशक पंकज झा ने की, जबकि मंच संचालन विद्या झा ने प्रभावशाली ढंग से किया।
अध्यक्षीय संबोधन
अपने विस्तृत अध्यक्षीय संबोधन में संस्था के निदेशक पंकज झा ने कहा कि आज पूरी दुनिया डिजिटल परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। आने वाले समय में वही व्यक्ति और वही समाज आगे बढ़ेगा जो नई तकनीकों को समय रहते अपनाएगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति केवल मोबाइल, इंटरनेट या कंप्यूटर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, कृषि, उद्योग, प्रशासन और रोजगार सहित जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन ला रही है।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल डिग्री प्राप्त करने की नहीं, बल्कि ऐसे डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण की है, जिसमें विद्यार्थी, शिक्षक, संस्थान, उद्योग और सरकार एक-दूसरे से तकनीक के माध्यम से जुड़े रहें। इससे शिक्षा अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख बनेगी।
श्री झा ने ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को भविष्य की सबसे विश्वसनीय तकनीकों में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से शैक्षणिक प्रमाणपत्र, सरकारी अभिलेख, वित्तीय लेन-देन तथा विभिन्न प्रकार के डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित, पारदर्शी और छेड़छाड़-मुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में लाखों रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इसलिए युवाओं को आज से ही इन तकनीकों की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्टारलाईट कंप्यूटर सेंटर का उद्देश्य केवल कंप्यूटर शिक्षा देना नहीं, बल्कि युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनाना है। उन्होंने विद्यार्थियों से लगातार सीखते रहने, नवाचार अपनाने और डिजिटल भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
अन्य वक्ताओं के विचार
मज़हरुल हक ने कहा कि डिजिटल शिक्षा समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों तक तकनीकी शिक्षा पहुँचाकर ही वास्तविक सामाजिक परिवर्तन संभव है।
तरुण घोष ने कहा कि तकनीक का सही उपयोग युवाओं के व्यक्तित्व विकास, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर खोलता है। विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों के साथ स्वयं को निरंतर अपडेट रखना चाहिए। समाज सेवी मो तकि अहमद जावेद ने कहा कि वर्तमान समय में AI बेस कंप्यूटर शिक्षा आज के युवाओं की शक्त जरूरत बन गई है इसलिए सभी को आगे आकर इसमें शामिल होना चाहिए।
दीपक मंडल ने कहा कि ब्लॉकचेन और डिजिटल तकनीक भविष्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव बनने जा रही है। युवाओं को इन क्षेत्रों में कौशल विकसित करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
शैलेन्द्र ठाकुर ने कहा कि डिजिटल साक्षरता आज प्रत्येक नागरिक की आवश्यकता बन चुकी है। समाज के हर वर्ग तक तकनीकी ज्ञान पहुँचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
अमर्त्य बंधुल ने अपने संबोधन में कहा कि तकनीक का उद्देश्य केवल सुविधाएँ उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज में पारदर्शिता, विश्वास और दक्षता स्थापित करना भी है।
राजेश कुमार रवि ने कहा कि आज का विद्यार्थी यदि डिजिटल कौशल विकसित करता है तो उसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध होंगे।
विद्या झा ने अपने संबोधन में कहा कि नई शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। विद्यार्थियों को तकनीक का सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग करते हुए अपने ज्ञान और कौशल का विकास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे सेमिनार युवाओं में नई सोच और नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी युवाओं के लिए तकनीकी जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की घोषणा की गई।
जारीकर्ता:
स्टारलाईट कंप्यूटर सेंटर
(योगमाया फाउंडेशन द्वारा संचालित)
भागलपुर
