मालदा मंडल द्वारा भागलपुर–जमालपुर रेल खंड में सघन टिकट जांच अभियान संचालित

मालदा मंडल द्वारा भागलपुर–जमालपुर रेल खंड में सघन टिकट जांच अभियान संचालित

सही यात्रा की शुरुआत एक वैध रेल टिकट के साथ

रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार

वैध रेल टिकट लेकर यात्रा करना केवल कानूनी आवश्यकता ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार यात्री होने का परिचायक भी है। एक वैध टिकट आपकी यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं निश्चिंत बनाते हुए आपको अनावश्यक असुविधा, आर्थिक दण्ड तथा परेशानी से बचाता है। साथ ही, यात्रियों द्वारा खरीदा गया प्रत्येक वैध टिकट रेलवे की आय को सुदृढ़ बनाकर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा तथा सेवाओं के निरंतर विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

इसी प्रतिबद्धता के अनुरूप, *पूर्व रेलवे के मालदा मंडल द्वारा मंडल रेल प्रबंधक, मालदा, श्री मनीष कुमार गुप्ता* के मार्गदर्शन में, रेलवे राजस्व की सुरक्षा, बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी रोक तथा यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं आरामदायक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगातार सघन टिकट जांच अभियान संचालित कर रहा है।

*इन्हीं प्रयासों के क्रम में, आज वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, मालदा, श्री कार्तिक सिंह के नेतृत्व में भागलपुर–जमालपुर रेल खंड में संचालित गाड़ी संख्या 22311 मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 12367 विक्रमशिला एक्सप्रेस, 13334 पटना–दुमका एक्सप्रेस, 13424 अजमेर–भागलपुर साप्ताहिक हमसफर एक्सप्रेस तथा इस खंड से होकर गुजरने वाली अन्य ट्रेनों में सघन टिकट जांच अभियान चलाया गया।* अभियान में वाणिज्य निरीक्षकों, टिकट जांच कर्मियों तथा रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए बिना टिकट एवं अनियमित यात्रा पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा रेलवे नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यापक टिकट जांच की।

*इस अभियान के दौरान बिना टिकट एवं अनियमित यात्रा के कुल 313 मामले दर्ज किए गए तथा ₹3,32,395/- की दण्ड राशि की प्राप्ति हुई।*

मालदा मंडल भविष्य में भी रेलवे राजस्व की सुरक्षा, बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी रोक तथा वास्तविक यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऐसे सघन टिकट जांच अभियान निरंतर जारी रखेगा। यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा प्रारम्भ करने से पूर्व वैध रेल टिकट अवश्य खरीदें, क्योंकि बिना वैध टिकट यात्रा करना रेलवे नियमों के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है।

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