मुरारी झा /दरभंगा
बिरौल अनुमंडल क्षेत्र में आग से बचाव को लेकर जिला प्रशासन की व्यवस्था पूरी तरह विफल नजर आ रही है। अनुमंडल के छह प्रखंडों के 83 पंचायतों में आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए विभाग की ओर से मात्र एक बड़ा वाटर टेंडर और दो अग्निशमन (एमटी) वाहन ही उपलब्ध कराए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, 2500 लीटर क्षमता वाला एक बड़ा वाटर टेंडर और एक एमटी वाहन अनुमंडल मुख्यालय स्थित अग्निशमन कार्यालय में तैनात है, जबकि दूसरा एमटी वाहन जिला के निर्देश पर घनश्यामपुर में रखा गया है। इतनी सीमित संसाधनों के सहारे पूरे अनुमंडल क्षेत्र में आग पर काबू पाना बड़ी चुनौती बन गया है।
अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि 8 मार्च को कुशेश्वरस्थान पूर्वी क्षेत्र के लिए एक अतिरिक्त एमटी वाहन उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि, वर्तमान संसाधनों के आधार पर इतनी बड़ी आबादी को सुरक्षित रखना विभाग के लिए कठिन साबित हो रहा है।
अग्निशमन विभाग में मात्र दो अधिकारी, तीन चालक और नौ अग्निकर्मी ही तैनात हैं, जिससे आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।
इधर, अनुमंडल प्रशासन का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आग से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया है। साथ ही अग्निशमन कार्यालय का मोबाइल नंबर 7485805828 जारी करते हुए लोगों से अपील की गई है कि कहीं भी आग लगने की सूचना तुरंत दें, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके
