ठाकुरगंज में ‘मदरसा फैजान-ए-ताजुश्शरिया’ के नए भवन का उद्घाटन, दीनी व दुनियावी तालीम के तालमेल पर जोर
ठाकुरगंज/दल्लेगांव: ग्राम पंचायत दल्लेगांव के भवानीगंज स्थित मदरसा फैजान-ए-ताजुश्शरिया में शिक्षा और समाज सुधार की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया। मदरसे में बच्चों के बैठने और पढ़ाई के लिए बनाए गए नवनिर्मित भवन का उद्घाटन एक विशेष कार्यक्रम के बीच संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोग, उलेमा-ए-किराम और समाजसेवी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मदरसे के बानी तारीक अनवर रज़वी साहब ने संस्थान की भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि कर्बला चौक के समीप एक आधुनिक हॉस्टल तथा दारुल उलूम को और अधिक विकसित एवं आधुनिक बनाने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इंशाअल्लाह बहुत जल्द इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य भी शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल दीनी तालीम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बच्चों को आधुनिक शिक्षा से भी सशक्त बनाया जाएगा ताकि वे समाज और देश की तरक्की में बेहतर योगदान दे सकें। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि बच्चों को कुरान और हदीस की मुकम्मल एवं सही तालीम देने के साथ-साथ हिंदी, अंग्रेजी और गणित जैसे विषयों में भी मजबूत बनाया जाएगा। संस्थान की कोशिश ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करने की है जो अपनी तहज़ीब और संस्कृति से जुड़े रहते हुए आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में भी अग्रणी बन सकें।
इस अवसर पर क्षेत्र के कई वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से गुलाम हसनैन साहब पूर्व विधायक प्रत्याशी ठाकुरगंज विधानसभा, मोहम्मद जहुर रज़वी मुखिया प्रत्याशी ग्राम पंचायत दल्लेगांव, हाजी इस्माइल साहब पूर्व सरपंच, उप सरपंच अंजार आलम, वार्ड सदस्य सलीम मंजर, सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोगों ने शिरकत की और मदरसे के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में उलेमा-ए-किराम की विशेष भूमिका रही। इस अवसर पर हजरत अल्लामा मौलाना अब्दुल बारी साहब, मौलाना अहमद रज़ा अमजदी, मौलाना हबीबुर्रहमान, मौलाना तौसीफ ज़िया मौलाना गुलाम अहमद रज़ा, मौलाना राशिद अंजुम, हाफ़िज़ सिद्दीक, हाफ़िज़ एहतेशाम रज़ा, हाफ़िज़ अंसार रज़ा, हाफ़िज़ समलाम रज़ा, हाफ़िज़ मुस्तकीम साहब मौजूद रहे। सभी उलेमा-ए-किराम ने मदरसे की तरक्की, बच्चों के बेहतर भविष्य और समाज में शिक्षा के प्रसार के लिए विशेष दुआएं कीं। कार्यक्रम का माहौल दीनी जज़्बे, शिक्षा के महत्व और समाजी एकता के संदेश से सराबोर रहा। स्थानीय लोगों ने इस पहल को क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई शुरुआत बताया।
