पंचायत सरकार भवन और मनरेगा के सोशल ऑडिटर टीम से संबंधित किया गया बड़ा खेल
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार।
बिहार के भागलपुर जिला के सुल्तानगंज प्रखंड अंतर्गत मिरहट्ठी पंचायत में मनरेगा और आवास में कुछ अलग ही खेल देखने को मिला । जिसमें पंचायती राज आमसभा के दौरान सोशल ओडिटर के द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देने में PRS असमर्थ रहा।,एवं कुछ समय उपरांत सोशल ओडिटर टीम लीडर मिस्टर चंदन कुमार के द्वारा मामला अगले शनिवार को PRS से निपटने और स्पष्टीकरण के लिए कहा। जबकि मनरेगा जांच टीम द्वारा जांच की जाने वाली सारे फॉर्म को मुखिया जी की जगह मुखिया जी के भतीजे से वेरीफाई कराया गया। और पंचायत सरकार के आम सभा के दौरान मुखिया जी अशोक यादव नदारत रहे। वहीं सूत्रों के माध्यम से पत्रकारों के द्वारा मुखिया जी के विषय में पूछा गया। तो मुखिया जी के भतीजे के द्वारा बताया गया। की मुखिया जी बीमार है। इस सत्यता की पड़ताल में जब पत्रकारों की टीम मुखिया जी से मिलने उनके आवास स्थल पर पहुंचे तो मुखिया जी अपना बचाव करते नजर आए। और मनरेगा योजना,आवास योजना के अंदर हो रहे लुट का ठीकरा अपने भतीजे सनोज यादव , PRS ,और BDO साहब सोशल ऑडिट में आई जांच टीम पर आरोप लगाते हुए गुस्सा दिखाया। वहीं PRS और BDO साहब पर गंभीर और संगीन आरोप भी लगा दिया। जो मुखिया जी ने अपने मुख से कहा वह सारी बात पत्रकार के कैमरे में कैद हो गई। इसके बाद कुछ लोगों की धमकी वाले शब्दों से पत्रकारों को डराने का भी प्रयास किया गया।
लेकिन सबसे गंभीर सवाल यह है। जिस मनरेगा मजदूरों के लेबर कार्ड की जांच सोशल ऑडिटर करती है। उन मनरेगा मजदूर का पेमेंट जब आधार बेस होता है । तो फिर अकाउंट वेरीफिकेशन क्या है?, दूसरी सवाल? जबकि फॉर्म भरने के समय सारे मजदूरों के निज दस्तावेजों की वेरिफाई होती है तभी जॉब कार्ड बनता तो फिर अकाउंट नंबर गलत कैसे हो सकता । और फिर 10-10 जॉब कार्ड पर समान्य अकाउंट संख्या कैसे दिखता है। और जब सोशल ऑडिट टीम जांच में आती है। तो इसे मुद्दा बनाकर PRS को ,मुखिया को और वार्ड को मजबूर कौन करता है। यह पैसे की उगाई कैसे होती है । जिसका आरोप मुखिया जी ने लगाया है। इसके पीछे कौन-कौन से चेहरे हैं।, मुखिया जी ने PRS, BDO और जिला के किन अन्य अधिकारियों के बारे में कह रहे हैं। यह सारे सवाल बेहद महत्वपूर्ण और संगीन है। मनरेगा मजदूरों को मिलने वाली इतनी कम मजदूरी की रकम को भी लूटने का काम किसके इशारे पर और किसके द्वारा किया जाता है। सबसे गंभीर सवाल की मुखिया जी के द्वारा PRS और BDO साहब पर अपने वार्ड से तसील कर घूस की रकम पहुँचने का आरोप क्यों लगाया।कुछ ऐसे अन्य सवाल मुखिया जी पर भी हैं/मुखिया पर आरोप? मुखिया के भतीजे आम सभा के मनोनीत सदस्य या सरकारी काम में दखल कैसे दे रहे हैं ऐसे व्यक्ति को अधिकार किसने दिया? सवाल ?क्या मुखिया के अनुपस्थिति /बदले में पंचायती राज के कार्यों को करने का अधिकार किसने दिया?अगर ऐसा है तो यह देखा जाए व्यवस्था सही है या गलत सरकारी नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर राज्य सरकार कब तक एक्शन लेती है।
ग्रामीणों के द्वारा एवं मनरेगा जॉब कार्ड धारक मजदूरों के द्वारा इन योजनाओं पर सवाल योजना में जो चले सिंचाई कार्यों के योजनाओं में सिर्फ दांड से मिट्टी की जगह घास छिलने का काम करते हुए योजनाओं का रुपया निकासी कर लिया जिसमें मनरेगा जॉब कार्ड के 25 मजदूर कार्य कर किए थे।अब देखना यह कि ऐसे लोगों पर जो पंचायती राज के मनरेगा योजना जो अब जी राम जी योजना के नाम से जाना जाता है,कितनी अफसोस की बातें हैं इस योजना का नाम इसी वर्ष बदला गया है जिसमें भगवान रामजी के नाम को गलत /बदनाम किया जा रहा है।
