शिक्षक नियमावली 2026 के विरोध में टीएमबीयू में धरना, अतिथि शिक्षकों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।
ऐंकर भागलपुर का तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय एक बार फिर आंदोलन का केंद्र बन गया है विश्वविद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की बजाय आए दिन शिक्षक, कर्मचारी और छात्र अपनी-अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करते नजर आते हैं। इसी कड़ी में सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में अतिथि शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया। धरने के दौरान शिक्षकों ने बिहार सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष आनंद आजाद ने बताया कि यह आंदोलन दो प्रमुख मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। पहला, बिहार सरकार की नई शिक्षक नियमावली-2026, और दूसरा बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 का प्रस्तावित स्वरूप, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नई नियमावली में शिक्षकों की अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष से घटाकर 43 वर्ष करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा नियुक्ति प्रक्रिया में शोध पत्र और अनुभव को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है। साथ ही डोमिसाइल नीति लागू नहीं की गई है और वर्षों से कार्यरत अतिथि शिक्षकों के भविष्य को लेकर भी कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है।
अतिथि शिक्षक संघ ने सरकार से मांग की कि इन सभी बिंदुओं पर पुनर्विचार किया जाए। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा और सरकार को इसका जवाब जनआंदोलन के माध्यम से दिया जाएगा
बाइट — डा आनंद आजाद
बाइट — सूसील मंडल
