बाढ़-2026 की समीक्षा बैठक में महापौर महोदया ने जिलाधिकारी के समक्ष रखीं प्रमुख माँगें; प्रभावित जनता के लिए त्वरित राहत, स्वास्थ्य सेवा, नाव संचालन और दाह संस्कार व्यवस्था की करी पुरजोर पैरवी

डेस्क/बिहार
लोकेशन/भागलपुर
रिपोर्ट/अमित कुमार
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बाढ़-2026 की समीक्षा बैठक में महापौर महोदया ने जिलाधिकारी के समक्ष रखीं प्रमुख माँगें; प्रभावित जनता के लिए त्वरित राहत, स्वास्थ्य सेवा, नाव संचालन और दाह संस्कार व्यवस्था की करी पुरजोर पैरवी

भागलपुर समाहरणालय स्थित ‘समीक्षा’ सभाकक्ष में गंगा एवं कोशी नदी के बढ़ते जलस्तर व बाढ़ की स्थिति को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में भागलपुर की माननीय महापौर ने भाग लिया। बैठक के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी एवं जिला प्रशासन के समक्ष नगर निगम क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित वार्डों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया तथा आमजनों को त्वरित राहत पहुँचाने हेतु कई महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव व सुझाव रखे।

महापौर महोदया ने कहा कि बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी जरूरतें पूरी करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दिशा में उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया:
1. **राहत किट (सूखा राशन व आवश्यक सामग्री) का वितरण:**
बाढ़ पीड़ितों के बीच अविलंब राहत किट वितरित की जाए। इस किट में सूखा भोजन (चूड़ा, गुड़, सत्तू, बिस्कुट आदि) के अलावा मोमबत्ती, माचिस, पीने का सुरक्षित पानी तथा महिलाओं के लिए अनिवार्य रूप से सैनिटरी पैड व अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हों।

2. **नियमित फॉगिंग एवं स्वच्छता अभियान:**
बाढ़ प्रभावित सभी वार्डों में जलजमाव के कारण जलजनित व मच्छर जनित बीमारियों के प्रसार को रोकने हेतु युद्धस्तर पर नियमित फॉगिंग तथा कीटनाशक छिड़काव सुनिश्चित किया जाए।
3. **स्वास्थ्य शिविर व आवश्यक दवाओं की उपलब्धता:**
प्रभावित इलाकों में राहत शिविरों के माध्यम से डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति की जाए। साथ ही, ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट, सर्पदंश व डायरिया से बचाव की दवाइयों सहित सभी आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया जाए।

4. **आपातकालीन आवागमन हेतु नाव एवं ICCC कंट्रोल रूम से संचालन:**
जिन क्षेत्रों में आवागमन पूर्णतः बाधित हो चुका है, वहाँ आपातकालीन स्थिति में लोगों के सुरक्षित निकलने हेतु पर्याप्त नावों की व्यवस्था की जाए। नावों के सुचारू व पारदर्शी संचालन हेतु इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के माध्यम से एक विशेष इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों को तुरंत नाव उपलब्ध कराई जा सके।
5. **पशुधन हेतु चारे की व्यवस्था:**
ग्रामीण एवं अर्द्ध-शहरी बाढ़ ग्रस्त वार्डों में मवेशियों के लिए सूखे व हरे चारे तथा पशु-चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की जाए।
6. **बरारी श्मशान घाट पर दाह संस्कार हेतु अस्थायी व्यवस्था:**
बरारी स्थित श्मशान घाट पर जलस्तर बढ़ने के कारण शवों के अंतिम संस्कार में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए तत्काल बैरिकेडिंग कराई जाए और लोहे का अस्थायी प्लेटफॉर्म (मंच) बनाकर दाह संस्कार की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि परिजनों को इस दुखद घड़ी में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक के अंत में महापौर महोदया ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि नगर निगम और जिला आपदा प्रबंधन विभाग आपसी समन्वय बनाकर इन सभी प्रस्तावों पर अविलंब अमल करें, जिससे संकट की इस घड़ी में हर प्रभावित परिवार तक सरकारी सहायता समय पर पहुँच सके।

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