पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में पत्रकारों से मारपीट का मामला गरमाया, मानवाधिकार संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री से की उच्चस्तरीय जांच की मांग
संवाददाता शुभम कुमार बिहार
राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, पूर्णिया में पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आर.टी.आई. जागरूकता संगठन,भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के मीडिया प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव डॉ. विभूति सिंह ने इस संबंध में बिहार के माननीय स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है।ज्ञापन में बताया गया है कि दैनिक समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार राजा झा, दैनिक जागरण के अविनाश एवं स्थानीय पत्रकार श्रवण कुमार के साथ मारपीट की गई। घटना के 72 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।डॉ. विभूति सिंह ने कहा कि यह घटना केवल मारपीट नहीं है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उन पर हमला लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास है।इस घटना पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह संस्थापक श्री सांगेश कुमार भाटी जी और युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री धीरज कुमार जी ने भी गहरी चिंता व्यक्त की है।
संगठन की प्रमुख मांगें :-
1.मेडिकल कॉलेज प्रशासन से अलग स्वतंत्र जांच समिति का गठन हो और CCTV फुटेज सुरक्षित रखा जाए।
2.दोषी चिकित्सकों/सुरक्षाकर्मियों/कर्मचारियों पर BNS की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर निलंबन हो।
3.सभी सरकारी संस्थानों में पत्रकारों की सुरक्षा हेतु ठोस दिशा-निर्देश जारी हो।
4.घायल पत्रकारों को उचित सुरक्षा एवं न्याय मिले।
डॉ. सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई नहीं होती है तो संगठन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), नई दिल्ली एवं प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के समक्ष परिवाद दायर करने को बाध्य होगा।ज्ञापन की प्रतिलिपि NHRC अध्यक्ष, प्रेस काउंसिल अध्यक्ष, जिलाधिकारी पूर्णिया,पुलिस अधीक्षक पूर्णिया,अधीक्षक मेडिकल कॉलेज एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को भी भेजी गई है।
