छत्तीसगढ़ : बोर्ड परीक्षाओं के खराब प्रदर्शन पर प्रशासन का ‘चाबुक’, 183 प्राचार्यों को थमाया नोटिस, मचा हड़कंप
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने के बाद अब जिलों में समीक्षा का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले के लचर प्रदर्शन पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले के 183 स्कूलों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
नतीजों में पिछड़ा ‘न्यायधानी’ का स्थान
हाल ही में घोषित 10वीं और 12वीं के परिणामों में बिलासपुर जिला प्रदेश की मेरिट सूची और औसत परिणाम में काफी पीछे रहा है। आंकड़ों के अनुसार 10वीं बोर्ड में जिला पूरे प्रदेश में 30 वें स्थान पर रहा, वहीं 12वीं बोर्ड में जिला 27वें स्थान पर सिमट गया। एक शैक्षणिक केंद्र (एजुकेशनल हब) के रूप में पहचाने जाने वाले बिलासपुर के लिए यह रैंकिंग चिंता का विषय बनी हुई है।
कार्रवाई के दायरे में प्राचार्य और व्याख्याता
कलेक्टर के निर्देशानुसार, जिले के उन स्कूलों को चिन्हित किया गया है जिनका परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं रहा। इसके तहत 12वीं कक्षा के खराब प्रदर्शन वाले 44 स्कूलों के प्राचार्यों को नोटिस दिया गया है।10वीं कक्षा के खराब प्रदर्शन वाले 139 स्कूलों के प्राचार्यों से जवाब तलब किया गया है।
सिर्फ प्राचार्य ही नहीं, बल्कि विषयवार व्याख्याताओं (Lecturers) पर भी गाज गिरी है। जिन विषयों में छात्र सबसे ज्यादा अनुत्तीर्ण हुए हैं, उन संबंधित शिक्षकों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है कि आखिर उनके विषय में परिणाम इतना खराब क्यों रहा।
संवाददाता -महेंद्र सिंह राय
