ठाकुरगंज के खारूदा पंचायत में एक 16 वर्षीय नाबालिग बच्ची की शादी को रोका गया है। सूचना मिलते ही जन निर्माण केंद्र और जिला प्रशासन की तत्परता से शादी रोकी गई। लड़की की रिश्ता पश्चिम बंगाल के एक युवक से तय हुआ था। स्थानीय सूत्रों से मिली सूचना पर कार्रवाई कर प्रशासन ने बाल विवाह की संभावित घटना को टाल दिया।

ठाकुरगंज के खारूदा पंचायत में एक 16 वर्षीय नाबालिग बच्ची की शादी को रोका गया है। सूचना मिलते ही जन निर्माण केंद्र और जिला प्रशासन की तत्परता से शादी रोकी गई। लड़की की रिश्ता पश्चिम बंगाल के एक युवक से तय हुआ था। स्थानीय सूत्रों से मिली सूचना पर कार्रवाई कर प्रशासन ने बाल विवाह की संभावित घटना को टाल दिया।

जिला समन्वयक के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

जन निर्माण केंद्र के जिला परियोजना समन्वयक मोहम्मद मुजाहिद आलम के नेतृत्व में टीम सक्रिय हुई। अनुमंडल पदाधिकारी सह बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी अनिकेत कुमार के निर्देश अनुसार प्रखंड विकास पदाधिकारी सह सहायक बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी अहमर अब्दाली और पौआखाली थाना के पुलिस बल के सहयोग से टीम ने खारूदा गांव पहुंचकर मामले की जानकारी ली और परिवार से बातचीत की।

शादी के रशमें तैयार थी। मेहमानों के लिए खाने पीने के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घर में टेंट भी सज धज कर तैयार किया गया था। घर वाले अपने रीति रिवाज के अनुसार शादी के रशमें में लगे हुए थे। दूल्हा बाराती के साथ बच्ची के घर पहुंची। इधर घर वाले बाराती और मेहमान नवाजी में लगे हुए थे। इतना में गठित टीम ने ऐन वक्त पर भारी मात्रा में पुलिस बल के साथ बच्ची के घर पहुंची। ऐसे में उक्त विवाह को रोकना टीम के लिए चुनौती था स्थानीय जनप्रतिनिधियों व बुद्धिजीवियों के सहयोग से विवाह को स्थगित किया गया। अंत में दूल्हा को अपने बाराती के साथ पुनः घर वापस लौटना पड़ा।

परिवार को दी गई कानूनी जानकारी

अधिकारियों ने नाबालिग के परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि नाबालिग की शादी कराना गैर-जमानती अपराध है, जिससे मानसिक, शारीरिक और सामाजिक नुकसान होता है।

शादी रोकने का निर्णय, लिखित में वादा

सामाजिक और कानूनी पहलुओं को समझने के बाद लड़की के परिवार ने शादी रोकने का निर्णय लिया। परिजनों ने लिखित प्रमाण और शपथ पत्र देकर आश्वासन दिया कि अपने बच्ची की शादी 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही की जाएगी।

सामाजिक कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि रहे मौजूद

इस कार्रवाई में जन निर्माण केंद्र के सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद शबीह अनवर, जहांगीर आलम सहित पुलिस अधिकारी शामिल रहे। इसके अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण भी मौके पर उपस्थित थे।

प्रशासन और समाजसेवियों की यह संयुक्त कार्रवाई बाल विवाह के खिलाफ एक सशक्त संदेश है, जिसमें कानून के साथ-साथ समाज की भागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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