बिहार के पुलिस प्रशासन पर लगी दाग़ पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अश्वनी कुमार चौबे ने भरत भूषण तिवारी की निर्मम हत्या के उच्च स्तरीय जांच के लिए गृह मंत्री से लगाया गुहार।
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार
अत्यंत दुःखद …
लोकतंत्र को शर्मसार करने वाला लोमहर्षक घटना से व्यथित हूं। कल भोजपुर के बिलौटी, शाहपुर निवासी नवयुवक भरत भूषण तिवारी (वह किसी एक समाज का नहीं था ST, SC, OBC और गरीब-वंचित तबकों के लिए भी एक मजबूत आवाज़ था)की पुलिस प्रशासन द्वारा आत्मसमर्पण के उपरांत उसकी गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी गई जो हृदय विदारक है। लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है।
मैं देश के माननीय गृह मंत्री आदरणीय श्री अमित शाह जी से आग्रह करता हूं कि भरत तिवारी की निर्मम हत्या पर संज्ञान लेते हुये हत्यारे बने पुलिस प्रशासन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर उच्च स्तरीय जांच का आदेश दें ताकि समाज में गलत संदेश ना जाय। साथ ही मैं बिहार के मुख्यमंत्री माननीय श्री सम्राट चौधरी जी से आग्रह करता हूं कि हत्यारों को तत्काल 48 घंटे के भीतर जेल भेजकर बिहार में सुशासन होने का परिचय दें।
युवाओं को अपराधीकरण से बचाना सरकार का परम कर्तव्य होना चाहिए। अगर भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था (जो उसके वीडियो से स्पष्ट है), तो उसे खूंखार अपराधियों की तरह गोली मार देना न्याय का द्योतक सरासर नहीं है। उसे हिरासत में लेकर न्यायसंगत कार्रवाई करनी चाहिए थी। किसी माँ से उसके बच्चे को इस प्रकार जानबुझ कर छीन लेना सरकार के न्याय व्यवस्था को कलंकित करता है। साथ ही यह पुलिस की कुत्सित, घृणित और विद्वेषपूर्ण मानसिकता को भी दर्शाता है जिससे सरकार की बदनामी हो रही है।
अतः भविष्य में इस प्रकार की घटना न घटे इस हेतु कड़ी कार्रवाई अपेक्षित है।
