कटिहार में बच्चे रेलवे ट्रैक क्रॉस कर स्कूल जाते: प्राथमिक विद्यालय की कमी में ट्रेन के नीचे से गुजरकर पहुंचते हैं विद्यालय
संवाददाता मनोज कुमार कटिहार बिहार
कटिहार के कोढ़ा प्रखंड की रौतारा पंचायत से बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां सैकड़ों बच्चे प्रतिदिन रेलवे ट्रैक पार कर रौतारा माध्यमिक विद्यालय पढ़ने जाते हैं।
प्राथमिक विद्यालय के अभाव में बच्चों को यह जोखिम उठाना पड़ता है। कई बार ट्रेन के स्टेशन पर लंबे समय तक खड़े रहने पर बच्चे उसके नीचे से गुजरकर दूसरी ओर पहुंचते हैं, जिससे हर दिन बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, रौतारा रेलवे स्टेशन पर एक फुट ओवरब्रिज मौजूद है, लेकिन उससे जुड़ने वाला संपर्क मार्ग सुगम नहीं है। इसके अलावा, रेलवे फाटक भी काफी दूर पड़ता है।
इन कारणों से समय बचाने के लिए अधिकांश बच्चे और ग्रामीण सीधे रेलवे पटरी पार करना ही आसान समझते हैं।
पंचायत की बड़ी आबादी रेलवे लाइन के पूर्वी हिस्से में
रौतारा पंचायत के पूर्वी हिस्से में मंडल टोला, भूमिहीन कॉलोनी, साह टोला, बरकत चौक, याकूब टोला, आदिवासी टोला, हाजी टोला, शेख टोला, पासवान टोला, बंगाली ब्राह्मण टोला, मतपोखर और धनगामा सहित कई बस्तियां हैं।
इन इलाकों में बड़ी आबादी निवास करती है, लेकिन प्राथमिक विद्यालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है।स्थानीय निवासी मोहम्मद नसीरुद्दीन और आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि पंचायत की बड़ी आबादी रेलवे लाइन के पूर्वी हिस्से में रहती है, जबकि विद्यालय और राष्ट्रीय राजमार्ग दूसरी ओर हैं।
प्राथमिक विद्यालय न होने के कारण छोटे बच्चों को रोज रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है, जो बेहद खतरनाक है। उन्होंने प्रशासन से पूर्वी क्षेत्र में एक प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग की है।
दुर्घटना का रहता है खतरा
विद्यालय की छात्राएं नाजिया परवीन और सायना परवीन ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि गांव में स्कूल न होने के कारण उन्हें रोज रेलवे पटरी पार करनी पड़ती है।
उन्होंने यह भी बताया कि फुट ओवरब्रिज होने के बावजूद उस पर चढ़ने और उतरने में काफी परेशानी होती है।
कई बार मालगाड़ी खड़ी रहने पर उन्हें ट्रेन के नीचे से गुजरना पड़ता है, जिससे हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की जाए।
साथ ही, सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है, ताकि भविष्य में किसी संभावित हादसे से बचा जा सके।
