‘गुपचुप जनसुनवाई नहीं चलेगी’: कर्रा के ग्रामीणों का कोल वाशरी विस्तार के खिलाफ मोर्चा

गुपचुप जनसुनवाई की तैयारी! मस्तुरी के कर्रा में कोल वाशरी विस्तार का ग्रामीणों ने किया पुरजोर विरोध
​बिलासपुर। जनपद पंचायत मस्तुरी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कर्रा में आगामी 24 जून को प्रस्तावित कोल वाशरी (Coal Washery) विस्तार की जनसुनवाई को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रबंधन पर ‘गुपचुप तरीके’ से जनसुनवाई निपटाने की तैयारी का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि कोल वाशरी का विस्तार हुआ, तो उड़ने वाली कोयले की काली राख और प्रदूषण से उनकी फसलें पूरी तरह तबाह हो जाएंगी।
​’काला प्रदूषण’ उगलेगी वाशरी, फसलों की हानि तय
​ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि क्षेत्र में पहले से ही प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ चुका है। अब कोल वाशरी के क्षमता विस्तार से स्थिति और भयावह हो जाएगी।
​फसलों की बर्बादी: पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय किसानों के मुताबिक, कोल वाशरी से निकलने वाली काली डस्ट (कोयले की धूल) खेतों में खड़ी फसलों पर जम जाती है, जिससे प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया रुक जाती है और फसलें बर्बाद हो जाती हैं।
​स्वास्थ्य पर संकट: हवा में घुलते कोयले के कणों के कारण स्थानीय निवासियों, बुजुर्गों और बच्चों में सांस की बीमारियां, दमा और त्वचा रोग का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा।
​जल संकट: कोल वाशरी में भारी मात्रा में पानी का उपयोग होता है, जिससे क्षेत्र का भूजल स्तर (Water Level) गिरने और आसपास के जलस्रोत प्रदूषित होने की आशंका है।
​ग्रामीणों ने लगाया गुपचुप तैयारी का आरोप
​ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि इस जनसुनवाई की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों को व्यापक स्तर पर नहीं दी गई, ताकि बिना किसी बड़े विरोध के इस विस्तार परियोजना को हरी झंडी दी जा सके।
​”हमें अंधेरे में रखकर यह जन सुनवाई किया जा रहा है

संवाददाता – महेंद्र सिंह राय

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