बीएयू में दो दिवसीय 4 मिनट रिसर्च फाइंडिंग्स प्रतियोगिता-2026 का समापन
चार मिनट में शोध निष्कर्ष प्रस्तुत करने की प्रतिभा का विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर /बिहार
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा आयोजित दो दिवसीय “4 मिनट रिसर्च फाइंडिंग्स (4MRF) प्रतियोगिता-2026” का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह के कुशल एवं गतिशील नेतृत्व में आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को अपने शोध निष्कर्षों को प्रभावशाली, स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से मात्र चार मिनट में प्रस्तुत करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना था।
दो दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न संघटक महाविद्यालयों—बिहार कृषि महाविद्यालय (BAC), सबौर; नालंदा उद्यान महाविद्यालय (NCoH), नूरसराय तथा डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय (DKAC), किशनगंज—के विभिन्न स्नातकोत्तर विषयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा कुल 45 शोध प्रस्तुतियां दी गईं, जिनका विशेषज्ञों द्वारा गहन एवं आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन के आधार पर नौ सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों का चयन प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए किया गया।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान जयश्री नाइक (पादप रोग विज्ञान, BAC), अपराजिता शालिनी (सब्जी विज्ञान, BAC) तथा प्रगति कुमारी (कृषि विज्ञान/एग्रोनॉमी, BAC) ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान आराध्या राज (पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, BAC), गोपीरेड्डी उदय किरण (आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन, BAC) तथा अनुराग मिश्रा (सब्जी विज्ञान, BAC) ने हासिल किया। वहीं तृतीय स्थान कुमारी सिबी रानी (मृदा विज्ञान, DKAC), उत्कर्ष चतुर्वेदी (पादप रोग विज्ञान, BAC) तथा सुपर्णा मुखर्जी (प्रसार शिक्षा, BAC) ने प्राप्त किया।
प्रतियोगिता का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सीधा प्रसारण भी किया गया। दो दिनों के दौरान लाइव प्रसारण को 6,000 से अधिक बार देखा गया, जो विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं अन्य दर्शकों के बीच कार्यक्रम की लोकप्रियता और व्यापक पहुंच को दर्शाता है।
10 जुलाई को आयोजित समापन सत्र में प्रतियोगिता के विजेताओं को बधाई दी गई। इस अवसर पर IQAC के निदेशक डॉ. तीर्थार्थ चट्टोपाध्याय ने कार्यक्रम की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं शोधार्थियों में वैज्ञानिक संचार कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने आगामी वर्षों में भी 4MRF प्रतियोगिता के नियमित आयोजन को प्रोत्साहित किया।
बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर की प्राचार्या डॉ. रूबी रानी ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों के शोध कार्यों को सरल, संक्षिप्त और प्रभावी रूप में प्रस्तुत करने की क्षमता की सराहना की।
अपने प्रेरक संबोधन में बीएयू, सबौर के निदेशक अनुसंधान डॉ. ए.के. सिंह ने प्रतिभागियों को कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में समर्पण, दृढ़ संकल्प और निष्ठा (Dedication, Determination and Devotion) के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण कृषि अनुसंधान और उसके प्रभावी संचार के माध्यम से वैज्ञानिक उपलब्धियों को किसानों एवं समाज के लिए अधिक उपयोगी बनाया जा सकता है।
प्रतिभागियों ने इस अनूठे अवसर के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता ने उन्हें अपने शोध की प्रमुख उपलब्धियों एवं निष्कर्षों को विभिन्न हितधारकों के समक्ष सरल और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया।
कार्यक्रम के प्रभाव का आकलन करने के उद्देश्य से सभी प्रतिभागियों एवं दर्शकों को ऑनलाइन फीडबैक फॉर्म उपलब्ध कराया गया है। प्राप्त प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण कर कार्यक्रम के प्रभाव और भविष्य में इसके आयोजन को और अधिक उपयोगी बनाने की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन डॉ. प्रीति सिंह द्वारा प्रस्तुत औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
