संवाददाता मनोज कुमार कटिहार/बिहार
कटिहार में जिस बुजुर्ग महिला की गीदड़ के हमले से मौत बताई जा रही थी, वो मामला हत्या का निकला। कटिहास पुलिस ने बताया कि महिला की हत्या उसके पति ने ही की थी।
कटिहार जिले में एक वृद्ध महिला की संदिग्ध मौत की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जिस मामले को शुरुआत में गीदड़ का हमला बताकर रफा-दफा करने की कोशिश की गई थी, वह वास्तव में एक सोची-समझी हत्या निकली। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति और साक्ष्य मिटाने के आरोप में दो पोतों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना आजमनगर थाना क्षेत्र के आलमपुर दियारा की है।
कटिहार में जिस महिला की मौत गीदड़ के हमले से बताई जा रही थी, वो मर्डर का मामला निकला।
मकई के खेत में हत्या को दिया अंजाम
जानकारी के अनुसार, आलमपुर नलकूप्पा निवासी 75 वर्षीय धनेश्वर सिंह अपनी 70 वर्षीय पत्नी रमनी देवी के साथ मकई के खेत में घास काटने गया था। वहां पुराने विवाद को लेकर धनेश्वर ने पहले पत्नी का गला दबाने की कोशिश की और फिर चाकू से गोदकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। मामले को छिपाने के लिए आरोपी के दो पोतों, कार्तिक सिंह और लालू सिंह ने साजिश रची और इलाके में यह अफवाह फैला दी कि वृद्ध महिला की मौत जंगली गीदड़ के हमले से हुई है।
सबूत मिटाने के लिए जल्दबाजी में किया अंतिम संस्कार
पुलिस के अनुसार, साजिश के तहत दोनों पोतों ने कानूनी प्रक्रिया से बचने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आनन-फानन में शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मिली सूचना के बाद आजमनगर थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की, जिससे इस झूठी कहानी की परतें खुलती चली गईं।
आरोपियों ने कबूल किया अपना जुर्म
पुलिस ने घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम को बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से छानबीन की। जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार बरामद कर लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
बारसोई डीएसपी अजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मुख्य आरोपी धनेश्वर सिंह और उसके दोनों पोतों कार्तिक सिंह और लालू सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने की धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
