स्वच्छ भारत मिशन पर सवाल: नाथनगर के 1939 से चल रहे स्कूल के गेट पर कचरे का अंबार, परीक्षा देने आए छात्र परेशान
संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/बिहार
भागलपुर प्रधानमंत्री कहते हैं ‘हम देश को स्वच्छ रखेंगे’और सरकार स्वच्छ भारत मिशन पर करोड़ों खर्च कर रही है। लेकिन बिहार के भागलपुर टाउन सिटी में ही गंदगी के ढेर लगे हैं नाथनगर रेलवे स्टेशन रोड स्थित सुखराय उच्च माध्यमिक विद्यालय के गेट पर कचरा डंप किया जा रहा है स्कूल गेट के सामने कचरे का ढेर, बदबू से नाक बंद करते छात्र, परीक्षा देने आए बच्चे1939 से चल रहा यह स्कूल मैट्रिक-इंटर का सेंटर भी बनता है। परीक्षा देने आए विद्यार्थियों को गंदगी और बदबू से भारी परेशानी हो रही है। स्कूल में पढ़ाई के दौरान भी बच्चे बीमार पड़ रहे हैं स्कूल में सफाई का पाठ पढ़ाते हैं, लेकिन गेट पर ही कचरा फेंका जाता है। परीक्षा के समय बदबू से बैठना मुश्किल हो जाता है। कई बार शिकायत की, कोई सुनवाई नहीं एक तरफ शिक्षा विभाग बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाता है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल के सामने ही कचरा डंप हो रहा है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से तुरंत सफाई कराने की मांग की है बिहार में भाजपा सरकार के रहते स्वच्छ भारत मिशन का सपना अधूरा दिख रहा है भागलपुर टाउन सिटी के नाथनगर रेलवे स्टेशन रोड स्थित सुखराय उच्च माध्यमिक विद्यालय 1939 से संचालित है। वही बीएससी नर्सिंग परीक्षा सेंटर बनाया जिसमें दूर-दूर से परीक्षा देने विद्यार्थी अपने भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए परीक्षा देने आते हैं खुद उसे स्कूल में शिक्षक और विद्यार्थी रहते हैं । लेकिन स्कूल के मुख्य गेट पर ही कचरा डंप किया जाता है। किसी भी समय गंदगी ने भागलपुर में बीमारी का आमंत्रण दे रहे इस गर्मी में अगर बीमारी हुई तो फिर स्वास्थ्य विभाग टेंशन बढ़ेगा परीक्षा देने आए विद्यार्थियों को गंदगी और दुर्गंध से भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं।
एक तरफ सरकार स्वच्छता पर करोड़ों खर्च करती है और शिक्षा विभाग बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाता है, वहीं दूसरी तरफ स्कूल के सामने ही कचरे का अंबार लगा है। कई बार नगर निगम से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि परीक्षा सेंटर के सामने से तुरंत कचरा हटाया जाए और स्थायी समाधान किया जाए, ताकि बच्चों का स्वास्थ्य और पढ़ाई प्रभावित न हो
बाइट — विनय कुमार विनय
बाइट — मनीष कुमार
