दरभंगा मुरारी झा
भारतीय वैमानिकी वैज्ञानिक एवं पद्मश्री से सम्मानित मानस बिहारी वर्मा की 5वीं पुण्यतिथि उनके पैतृक घनश्यामपुर प्रखंड के बाउरे गांव में शुक्रवार को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं गणमान्य लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में भाजपा दरभंगा पूर्वी जिला के महामंत्री संजय कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने स्व. वर्मा के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि वे न सिर्फ एक महान वैज्ञानिक थे, बल्कि बच्चों और युवाओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाले सच्चे मार्गदर्शक भी थे।
उन्होंने कहा कि वर्मा का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ संकल्प और मेहनत से ऊंचाइयों को हासिल किया जा सकता है। वे भारत के पूर्व राष्ट्रपति और ‘मिसाइल मैन’ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के करीबी सहयोगी और मित्र रहे, जो उनके वैज्ञानिक योगदान की महत्ता को दर्शाता है।
अपने संबोधन में पप्पू सिंह ने कहा कि आज के दौर में बच्चों को विज्ञान और तकनीक के प्रति आकर्षित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को प्रयोगात्मक शिक्षा, नवाचार और वैज्ञानिक सोच की ओर प्रेरित करें, ताकि वे भविष्य में देश के विकास में अहम भूमिका निभा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि स्व. वर्मा का सपना था कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ें और देश का नाम रोशन करें। इस सपने को साकार करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने स्व. मानस बिहारी वर्मा के आदर्शों पर चलने और बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का संकल्प लिया।
