मंगलवार को भारती शिक्षा समिति बिहार एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति बिहार के तत्वाधान में आयोजित किया गया।
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।
सैनिक स्कूल गणपतराय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर नरगाकोठी में चल रहे नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग एवं सेवा स्थायित्व वर्ग के तीसरे दिन का प्रारंभ रोहतास विभाग के विभाग निरीक्षक धरणीकांत पांडेय ,पूर्णकालिक गंगा चौधरी, रमेश मणि पाठक, लाल बाबू प्रसाद, प्रांतीय कार्यालय प्रमुख रामचंद्र आर्य एवं वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर दिया।
धरणीकांत पांडेय ने कहा कि 21वीं सदी का कौशल आज की तकनीकी और तेजी से बदलते परिवेश में व्यावसायिक सफलता के लिए जरूरी है ।इसके माध्यम से भैया बहनों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन और वैश्विक स्तर पर रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार किया जा सकता है। श्रेष्ठ अधिगम हेतु छात्रों के अंदर जिज्ञासा, संयम ,एकाग्रता,विनयशीलता , तत्परता ,प्रसन्नता ,शुचिता ,
नि:स्वार्थता ,आत्मविश्वास, निरहंकारिता ,ज्ञान परायणता, ग्रुरू परायणता जैसे आवश्यक गुण रहने चाहिए।
रामचंद्र आर्य ने कहा कि विद्या भारती द्वारा भैया बहनों के अंदर शिक्षा और समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए संस्कृति बोध परियोजना, पूर्व छात्र परिषद विद्वत परिषद एवं शोध पर कार्य करती है। आज समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है हमें भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्य और ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति छात्रों में जागरूकता पैदा करना है। पाठ को सरल, सरस व रोचक बनाने के बारे में विस्तार पूर्वक उन्होंने बताया ।
इस अवसर पर पूर्णकालिक ब्रह्मदेव प्रसाद, उमाशंकर पोद्दार, वीरेंद्र कुमार ,परमेश्वर कुमार ,राकेश पांडे, जीवन राठौर, शंभू कुमार , सुशील कुमार ,ममता जायसवाल ,अनीता सिन्हा,राखी कुमारी,रिंकू कयाल, शशि भूषण मिश्र, ।सुधांशु कुमार, सोनू कुमार एवं सभी प्रशिक्षणार्थी आचार्य उपस्थित थे।
मीडिया प्रभारी
शशि भूषण मिश्र
