कुकुर्दी कला में रेत घाट जनसुनवाई की सुगबुगाहट से ग्रामीणों में उबाल, हादसों की याद ने बढ़ाया गुस्सा
कुकुर्दी कला। ग्राम पंचायत कुकुर्दी कला में प्रस्तावित रेत घाट को लेकर चोरी-छिपे जनसुनवाई कराए जाने की फुसफुसाहट ने ग्रामीणों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। गांव में इन दिनों माहौल ऐसा है मानो शांत पानी के नीचे तूफान पल रहा हो। जैसे ही जनसुनवाई की खबर लोगों तक पहुंची, ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में नाराजगी खुलकर सामने आने लगी।
ग्रामीणों का कहना है कि रेत खनन के नाम पर पहले भी क्षेत्र ने कई दर्दनाक हादसे झेले हैं। कुछ ही दिनों पहले रेत से भरे तेज रफ्तार ट्रक ने एक 4 वर्षीय मासूम बच्चे की जान ले ली जिससे पूरे इलाके में शोक और गुस्से की लहर दौड़ गई हैं,लोगों का कहना है कि ऐसे हादसे लगातार होते रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।
अब एक बार फिर रेत घाट की जनसुनवाई की तैयारी की खबर ने ग्रामीणों के जख्म हरे कर दिए हैं। उनका कहना है कि जब रेत परिवहन से गांव की सड़कें टूट रही हैं, धूल-गर्द से जीवन दूभर हो रहा है और जानलेवा हादसे बढ़ रहे हैं, तब बिना जनता की सहमति रेत घाट खोलना आग में घी डालने जैसा होगा।
ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जनभावनाओं को नजरअंदाज कर रेत घाट को मंजूरी देने की कोशिश की गई, तो जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। फिलहाल गांव में जनसुनवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली चाल पर टिकी हुई हैं।
संवाददाता -महेंद्र सिंह राय
