आनन्दराम ढांढनियाँ सरस्वती विद्या मंदिर, भागलपुर में शिशु वाटिका खंड के तत्वावधान में शिशु के सर्वांगीण विकास हेतु “अभिभावक प्रबोधन सह शिक्षा कार्यक्रम” सम्पन्न हुआ। रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/ बिहार। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुमंत कुमार, उप-प्रधानाचार्य श्री अशोक कुमार मिश्र, शिशु वाटिका प्रमुख श्रीमती अनीता सिन्हा, मातृ भारती अध्यक्षा श्रीमती मधु प्रिया मंडल, कोषाध्यक्षा श्रीमती तनुजा भारती , नेहा कुमारी एवं मंत्री श्रीमती रिचा मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। आगत अतिथियों का स्वागत एवं परिचय श्रीमती श्वेता सौरभ ने अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। शिशु वाटिका प्रमुख अनीता सिन्हा ने “अभिभावक शिक्षा की महत्ता” विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि बालक के व्यक्तित्व निर्माण में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उक्त अवसर पर आचार्या दिव्या आनन्दी एवं आरती झा के सफल निर्देशन में अभिभावकों ने अपने शिशुओं के साथ विभिन्न रचनात्मक एवं शिक्षाप्रद गतिविधियों में सहभागिता की। कार्यक्रम में अभिभावकों को भी अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया गया। सभी कक्षाओं के भैया-बहनों द्वारा हिंदी एवं अंग्रेजी में आकर्षक राइम्स प्रस्तुत की गईं, जिसे उपस्थित अभिभावकों ने खूब सराहा। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुमंत कुमार जी ने कहा कि शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय एवं अभिभावकों के मध्य सतत संवाद एवं सहयोग आवश्यक है। संस्कारयुक्त शिक्षा, अनुशासन एवं स्नेहपूर्ण वातावरण से ही बच्चों का उज्ज्वल भविष्य निर्मित किया जा सकता है।उप-प्रधानाचार्य श्रीमान अशोक कुमार मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि शिशु जीवन की प्रथम पाठशाला उसका परिवार होता है। अभिभावकों के संस्कार, व्यवहार एवं मार्गदर्शन का प्रभाव बालक के व्यक्तित्व पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय एवं अभिभावकों के समन्वित प्रयास से ही बच्चों का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं नैतिक विकास संभव है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ अधिक समय बिताने, उनकी जिज्ञासाओं को समझने एवं सकारात्मक वातावरण प्रदान करने का आग्रह किया। अभिभावकों को वाटिका लैव का भ्रमण कराया गया।आज के बैठक की अध्यक्षता नेहा कुमारी एवं मंच संचालन आयुषी सिन्हा ने किया। कार्यक्रम का समापन आचार्या आरती झा के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
