एक ऐसा विद्यालय जो चार शिफ्टों में एक ही जर्जर छत के नीचे बच्चें पढ़ते दिखते जो अपने आप में अनोखा दिखता ।
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।
भागलपुर जिला के सबौर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत एक ऐसा विद्यालय जहां की इस युग में विद्या को पाने के लिए एक अनोखी दृश्य देखने को मिलता।यहां के बच्चे अपनी जान को जोखिम में देकर विद्यालय के गिरते हुए छत के नीचे विद्या प्राप्त कर रहे हैं।विद्यालय एक सिफ्ट अनेक यानि एक ही छत के नीचे चार सिफ़्ट में विद्यालय चल रहा।विद्यालय के अंदर बड़े उम्र वाले व्यक्ति भी घुसते ही दृश्य को देख डर जाएंगे परंतु इन नन्हे बच्चों को कोई डर नहीं मानो तो विद्यालय के छत और फटे चार दिवारी को इन बच्चों से प्यार हो गया हो ।विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश्वर सिंह ने बताया कि यहां सी आर सी के साथ साथ आंगन बाड़ी भी चलता माने तो इस मध्य विद्यालय सरदो की कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों के साथ प्रधानाचार्य एवं शिक्षक भी निडर हो गए हैं,यहां तक विद्यालय निर्माण हेतु कई आवेदन दिया गया अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।आपने कहावतें सुनी होगी *राम भरोसे विद्या की मंदिर* बिहार सरकार शिक्षा को लेकर रोजाना नीति बनाते पर ये नीति कागजों पर ही रह जाते और बातें बहस की मुद्दे बनकर फाइलों में दबे रहते। क्या स्थानीय पंचायत के जिम्मेदार पद वालों ने भी विद्यालय निर्माण को लेकर शिक्षा पदाधिकारी को सूचित नहीं किया ?बिहार सरकार स्मार्ट स्कूल बनाने की बात योजनाओं में ही सिर्फ करती ? आखिर कब तक शिक्षा की मंदिर ही जर्जर अवस्था में रहेगी।या फिर बिहार सरकार द्वारा चलाए गए योजनाओं की विफलता का कोई बड़ी कारण हादसा/अनहोनी होने का इंतजार कर रहा ।
