पॉक्सो मामलों में पीड़ितों की गोपनीयता बनाए रखने को लेकर डीएलएसए का जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
किशनगंज, 30 मई। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), किशनगंज के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर, किशनगंज में बालकों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), 2012 के मामलों में पीड़ितों की पहचान की गोपनीयता बनाए रखने संबंधी एक महत्वपूर्ण संवेदीकरण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस पदाधिकारियों को बाल पीड़ितों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा-23 के प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो अधिनियम, किशनगंज श्री दीप चंद पाण्डेय ने पुलिस पदाधिकारियों को अधिनियम की विभिन्न कानूनी बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बाल पीड़ित की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है तथा ऐसा करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने मीडिया एवं सार्वजनिक मंचों पर पीड़ितों की गोपनीयता बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष बल देते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज के सचिव श्री ओम शंकर भी उपस्थित रहे। उन्होंने बाल अधिकारों के संरक्षण, पीड़ितों को उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता तथा विधिक सेवा प्राधिकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रतिभागियों को दी।
संवेदीकरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस पदाधिकारियों को यह बताया गया कि अनुसंधान एवं अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के दौरान बाल पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना आवश्यक है, ताकि उन्हें किसी प्रकार के मानसिक तनाव, सामाजिक कलंक अथवा असहज परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया तथा भविष्य में पॉक्सो अधिनियम के तहत निर्धारित गोपनीयता संबंधी नियमों का अक्षरशः पालन करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर विशेष लोक अभियोजक, पॉक्सो अधिनियम, किशनगंज श्री मनीष कुमार सहित कई पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
