Katihar:DEO राहुल चौधरी ने समर कैंप का किया निरीक्षण: 4 विद्यालयों में FLN गतिविधियां परखीं, बच्चों से जोड़-घटाव के प्रश्न पूछे
संवाददाता मनोज कुमार कटिहार/बिहार
कटिहार में समर कैंप 2026 के सुचारू संचालन और गुणवत्ता जांच के लिए DEO राहुल चंद्र चौधरी ने गुरुवार, 18 जून को चार विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, विद्यार्थियों की सहभागिता और शिक्षण-अधिगम गतिविधियों का मूल्यांकन करना था।
डीईओ चौधरी ने मध्य विद्यालय मोंगरा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय तीयरपारा छीटाबाड़ी, प्राथमिक विद्यालय बालीटीकर और प्राथमिक विद्यालय चंद्रमा का दौरा किया। उन्होंने इन विद्यालयों में समर कैंप के संचालन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था और विभिन्न गतिविधियों का गहन अवलोकन किया।
विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद
इस दौरान, उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उनके सीखने के स्तर, भाषा व गणितीय दक्षता तथा समर कैंप में उनकी रुचि का आकलन किया। डीईओ ने बच्चों से हिंदी में कहानियां पढ़वाईं, जोड़-घटाव के प्रश्न पूछे और अंग्रेजी के सरल शब्दों की स्पेलिंग जांची। कई बच्चों ने उत्साहपूर्वक इन सवालों के जवाब दिए।
डीईओ राहुल चंद्र चौधरी ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि समर कैंप केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जाए।
FLN पर विशेष ध्यान देने को कहा
उन्होंने कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN) पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही, शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM) का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया। निरीक्षण के समय प्रथम संस्था की जिला समन्वयक कल्पना कुमारी और प्रखंड समन्वयक (कटिहार सदर) राजकुमार भी उपस्थित थे।
प्रथम संस्था FLN कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है। डीईओ ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग और संस्था के समन्वय से बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। कुछ विद्यालयों में बच्चों की कम उपस्थिति पर डीईओ ने नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करें, उन्हें जागरूक करें और बच्चों को कैंप में भेजने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने मिड-डे मील की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
30 जून तक चलेगा समर कैंप
DEO ने बताया कि समर कैंप 30 जून तक चलेगा। इसका मकसद कोरोना काल में हुए लर्निंग लॉस की भरपाई करना और बच्चों को अगली कक्षा के लिए तैयार करना है। जिले के सभी प्रखंडों में रोस्टर के अनुसार निरीक्षण जारी रहेगा।
