कॉलेज की विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मियों ने नशा मुक्ति का लिया शपथ
प्रधानमंत्री ने लाईव प्रसारण के जरिये दिए नशा मुक्त भारत का सन्देश
नशा मुक्ति अभियान कार्यक्रम के तहत एसएम कॉलेज में कुलपति ने दिलाया संकल्प
कार्यक्रम में बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री, विधायक, डीएम आदि ने की शिरकत
संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर बिहार
भागलपुर। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में रविवार को एसएम कॉलेज के सभागार में नशा मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. शैलेन्द्र, भागलपुर के विधायक रोहित पाण्डेय, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के प्रभारी कुलपति प्रो. बिमलेन्दु शेखर झा, भागलपुर की डीएम अलंकृता पाण्डेय समेत विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और छात्राएँ उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। वहीं अतिथियों का सम्मान अंग वस्त्र और पौधा भेंट कर किया गया।
स्वागत भाषण एसएम कॉलेज की प्राचार्या डॉ. निशा झा ने दिया। उन्होंने कहा की भारतीय युवा शक्ति हमारी पहचान है। आज युवा भटकाव के पथ पर हैं।
मौके पर कुलपति प्रो. बीएस झा ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मियों और छात्राओं को सामूहिक रूप से नशा मुक्त भारत बनाने का शपथ दिलाया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सम्बोधन का लाइव प्रसारण किया गया।
एनएसएस की वोलेंटियर्स मनीषा, पल्ल्वी, जाह्नवी, मुस्कान, अपराजिता, निकिता आदि ने एनएसएस ऑफिसर डॉ. पृथा बसु के संयोजन में नशा मुक्ति जागरूकता के थीम पर आधारित नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी।
बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान में सबों को भागीदार बनना होगा। युवा अपनी एनर्जी को दूसरी ओर ले जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में बेहतर काम हो रहा है। सोशल मीडिया के दुष्प्रचार के कारण युवा दिग्भ्रमित हो रहे हैं। उन्होंने कहा की वे एक नया भागलपुर बनाएंगे। पहली बार मैं मंत्री बना हूँ, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भागलपुर के विकास के लिए संकल्पित हूँ। भागलपुर से दो मंत्री बनाये गए हैं। दिग्भ्रमित युवाओं को सही दिशा देने का काम करें।
टीएमबीयू के प्रभारी कुलपति प्रो. बिमलेन्दु शेखर झा ने कहा कि युवा राष्ट्र शक्ति हैं। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब युवा शक्ति सकारात्मक दिशा में जायेंगे।
उन्होंने कहा की हजारों लोकेशन पर आज एक साथ कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। भारत में युवा शक्ति सर्वाधिक है। युवाओं के सकारात्मक प्रयास से ही भारत विश्व गुरु बनेगा। वीसी ने पथ निर्माण मंत्री से कहा की विश्वविद्यालय परिसर की सड़कें काफी जर्जर है। आपसे अनुरोध है कि विश्वविद्यालय की सड़कों की हालत में सुधार के लिए ठोस पहल हो। कुलपति के अनुरोध पर पथ निर्माण मंत्री ने कहा की निश्चित रूप से विश्वविद्यालय की सड़कें अच्छी बनेगी। वे खुद भी जायजा लेंगे।
कुलपति ने कहा की जिला प्रशासन का एक्टिव सपोर्ट विश्वविद्यालय को चाहिए। वर्ष 2029 तक देश को नशा मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य है।
भागलपुर की डीएम अलंकृता पाण्डेय ने कहा कि आज एक ठोस संकल्प के साथ नशा मुक्ति अभियान का आगाज हुआ है। यह अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस सन्देश को जन -जन तक पहुँचाने में मददगार और सहयोगी बनें। इस शपथ का जीवन में पालन और अनुसरण करें और युवाओं की एनर्जी को सकारात्मक रूप दें। नशा देश और समाज की तरक्की के लिए एक बड़ी बाधक है। डीएम ने अपील किया कि युवाओं को भटकने न दें, कानूनी प्रावधान के माध्यम से भी कार्रवाई हो रही है लेकिन ज्यादा जरुरत है इसके रोकथाम को लेकर व्यापक अभियान चलाने और जाना जागरूकता की, नशा मुक्ति को जन आंदोलन के रूप में चलाने की जरूरत है। जागरूकता के तहत चित्रकला, जागरूकता रैली आदि का आयोजन हो रहा है लेकिन इसके रोकथाम के लिए सामूहिक जिम्मेवारी होनी चाहिए। नशा मुक्त समाज के लिए सबों को आगे आना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के सन्देश को जन जन तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कॉलेज और विश्वविद्यालय के शिक्षकों से विशेष रूप से इस मुहिम में भागीदार बनने की अपील की।
धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस समन्वयक डॉ. राहुल कुमार ने किया।
मंच संचालन डॉ. संजय कुमार जायसवाल कर रहे थे। एसएम कॉलेज के म्यूजिक विभाग की छात्राओं ने कुलगीत, राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान की सामूहिक प्रस्तुति दी। बिहार गीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम में टीएमबीयू की डीएसडब्लू डॉ. अर्चना कुमारी साह, रजिस्ट्रार डॉ. रामाशीष पूर्वे, प्रॉक्टर डॉ. मुकेश कुमार सिंह, कॉलेज इंस्पेक्टर डॉ. रंजना, डीओ अनिल सिंह, पीआरओ डॉ. दीपक कुमार दिनकर, मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय झा, टीएनबी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपो महतो सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी, स्थानीय जन प्रतिनिधि, सीनेट सदस्य, शिक्षक, कर्मी और छात्राएँ मौजूद थे।
