नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगों ने महिला को बनवा दिया था आरोपी मिला न्याय
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार
साइबर केस के आरोपी कविता शुक्ला @ डॉक्टर कविता शुक्ला को ऑनलाइन धोखाधड़ी और जालसाजी से फ़र्ज़ी फोन पर पेटीएम के द्वारा पैसा भेजने की स्क्रीन की तस्वीर भेज शिकायतकर्ता से दो लाख ठगी करने के आरोप में साइबर थाना धनबाद में बी.एन.एस. अधिनियम की धारा 319(2), 318(4), 3(5) और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी 2000 की धारा 66(सी), 66(डी) के तहत दर्ज मामले में झारखंड उच्च न्यायालय अग्रिम जमानत दे दिया! आरोपी कविता शुक्ला @ डॉक्टर कविता शुक्ला ने माननीय झारखंड उच्च न्यायालय आदेश के तहत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, द्वितीय सह विशेष साइबर न्यायाधीश, धनबाद की अदालत में समर्पण कर बंध-पत्र दाखिल किया आरोपी कविता शुक्ला @ डॉक्टर कविता शुक्ला तरफ से उसके अधिवक्ता राहुल कुमार अग्रवाल मौजूद थे! मामला यह है कि साइबर अपराधी नियोक्ता बनकर कविता शुक्ला को पार्ट टाइम नौकरी देने के नाम पर, एक बैंक में खाता खुलवाया,और खाता का सत्यापन के नाम पर रख लिया और कहां इसी खाते में वेतन आएगा, और फिर उक्त बैंक खाता दुरुपयोग कर कविता शुक्ला झूठे केस मुकदमे में फंसा दिया! जिसके बाद उक्त केस के अनुसंधान के दौरान अनुसंधान अधिकारी ने आरोपी कविता शुक्ला @ डॉक्टर कविता शुक्ला के विरुद्ध साक्ष्य नहीं पाया, अन्वेषण प्रतिवेदन के तहत विशेष साइबर न्यायाधीश, धनबाद की अदालत के द्वारा कविता शुक्ला @ डॉक्टर कविता शुक्ला आरोपों से मुक्त कर दिया!
