ओखर गौशाला में 23 से अधिक गायों की दर्दनाक मौत, प्रशासन की लीपापोती से ग्रामीणों में आक्रोश
मस्तूरी/ओखर:
ग्राम पंचायत ओखर स्थित गौधाम वासुदेव सेवा समिति गौशाला में अव्यवस्था और लापरवाही की विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है। बिना चारा-पानी के तड़प-तड़पकर 23 से अधिक बेजुबान गौमाताओं की मौत हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए 26 अगस्त 2026 को कलेक्टर को सूचित किया गया था, जिसके बाद जांच के लिए पशु चिकित्सा विभाग की टीम गठित कर मौके पर भेजी गई। हालांकि, आरोप है कि अधिकारियों ने मामले में केवल लीपापोती की।
जांच के नाम पर औपचारिकता
मौके पर पहुंचे संयुक्त संचालक पशुधन विकास विभाग बिलासपुर डॉ. जी.एस. तंवर, मस्तूरी विकासखंड पशुधन विकास विभाग प्रभारी डॉ. संध्या तिवारी, डॉ आर.के. चौरसिया ने मौतों के असल कारणों की कोई ठोस जांच प्रक्रिया नहीं अपनाई। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, अधिकारी मुख्य मार्ग पर ही खड़े रहकर गौ सेवा समिति के अध्यक्ष से बातचीत करते रहे।
पत्रकारों के सवालों से बनाई दूरी
जब स्थानीय पत्रकारों ने प्रशासनिक गाड़ी के पास जाकर मौतों के कारण और कार्रवाई को लेकर सवाल पूछने का प्रयास किया, तो अधिकारियों ने कोई भी जवाब देना उचित नहीं समझा और बिना ठोस कदम उठाए चले गए।
सरकारी अनुदान के बावजूद भुखमरी
शासन द्वारा गौवंश के चारे और पानी के लिए गौशालाओं को निरंतर राशि प्रदान की जा रही है, इसके बावजूद ओखर गौशाला में बेजुबान जानवर भूख और प्यास से दम तोड़ने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का दावा है कि मृत गौवंश का आंकड़ा 23 से भी अधिक हो सकता है।
प्रशासनिक अधिकारियों की इस उपेक्षा और गौधाम वासुदेव सेवा समिति की घोर लापरवाही से क्षेत्र के ग्रामीणों और गौसेवकों में भारी रोष व्याप्त है। निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की �
संवाददाता महेंद्र सिंह राय
ओखर गौशाला में 23 से अधिक गौवंश की दर्दनाक मौत, प्रशासन की लीपापोती से ग्रामीणों में आक्रोश
