जिला विधिज्ञ संघ भागलपुर के प्रशाल (पुराना हॉल) में पूर्व से निर्धारित तिथि को निर्वाची पदाधिकारी के चुनाव की बैठक की आहुत की गई थी।

जिला विधिज्ञ संघ भागलपुर के प्रशाल (पुराना हॉल) में पूर्व से निर्धारित तिथि को निर्वाची पदाधिकारी के चुनाव की बैठक की आहुत की गई थी।

रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।

बैठक के प्रारंभ में ही असंवैधानिक चुनावी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई । महासचिव ने माइक लेकर निर्वाचित पदाधिकारी के पद का इच्छुक उमीदवारों का नाम लेना प्रारंभ कर दिया प्रशाल में बैठे विद्वान अधिवक्ताओं के द्वारा सर्वप्रथम अशोक कुमार राय का नाम आया दूसरा नाम आसिफ कमाल एवं तीसरा नाम मोहम्मद शम्सुद्दीन का आया। लेकिन तीनों उमीदवार मैदान में डटे रहे । फलस्वरूप तीनों के समर्थन में बारी बारी से अपना अपना समर्थन जताया लेकिन संख्या गिनती के क्रम में गड़बड़ी करने का अधिवक्ताओं के आरोप लगाया गया। इसको लेकर तीनों उमीदवाराे के समर्थक आपस में भीड़ गये । जिसको लेकर निर्वाची पदाधिकारी के चुनाव प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया । चुकी चुनाव शांति एवं निर्भीक निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए निर्वाचित पदाधिकारी का आम अधिवक्ताओं में विश्वास होना बहुत ही जरूरी है एक एक अधिवक्ताओं के मतों का काफी महत्व हैं साथ ही साथ निर्वाची पदाधिकारी का भी कर्तव्य है कि जिला विधिज्ञ संघ भागलपुर के तमाम अधिवक्ताओं को लेकर चुनाव सम्पन्न करना चाहिए । अधिकतम अधिवक्ताओं ने अपना हस्ताक्षर कर इस तरह के चुनाव प्रक्रिया का विरोध जताया । संघ के वरिष्ठ अधिवक्ताओं, युवा एवं महिला अधिवक्ताओं ने पुरजोर विरोध किया।

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