**मुस्लिम बच्चों को उच्च एवं आधुनिक शिक्षा के समान अवसर देने पर जोर, विधानसभा चुनाव में समाज की मांगों के आधार पर होगा समर्थन का फैसला**
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि आगामी विधानसभा चुनावों में उसी राजनीतिक दल को समर्थन देने पर विचार किया जाएगा, जो मुस्लिम समाज की लंबित मांगों को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाने का भरोसा देगा। मोर्चा ने मदरसा कौंसिल के गठन, मुस्लिम बच्चों को उच्च एवं आधुनिक शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा मदरसों और मस्जिदों को नियमानुसार सरकारी सहायता देने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई, तो लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
स्थानीय केजी रिजॉर्ट में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा की महत्वपूर्ण बैठक पंजाब प्रधान सरवर गुलाम सबा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में नई दिल्ली से पहुंचे प्रसिद्ध मुस्लिम स्कॉलर एवं राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षा के चेयरमैन हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने मुस्लिम समाज की शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक समस्याओं पर विस्तार से अपनी बात रखी। बैठक में संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनावों में मोर्चे की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई।
**मांगें पूरी नहीं हुईं तो जनआंदोलन का रास्ता अपनाएगा मोर्चा**
हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने कहा कि मुस्लिम समाज की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासनों से नहीं, बल्कि ठोस नीतिगत फैसलों और प्रभावी कार्रवाई से होगा। उन्होंने कहा कि मदरसा कौंसिल का गठन मोर्चे की प्रमुख मांग है। इसके माध्यम से मदरसों से जुड़ी शैक्षणिक समस्याओं को व्यवस्थित ढंग से उठाने और उनके समाधान की दिशा में काम करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम बच्चों को उच्च शिक्षा और आधुनिक शिक्षा से जोड़ना समय की जरूरत है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए, ताकि वे भी देश की तरक्की में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने मदरसों और मस्जिदों को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी सरकार से सकारात्मक पहल करने की मांग की।
हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने कहा, “राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा मुस्लिम समाज के हक, शिक्षा और सम्मान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा। यदि सरकार हमारी जायज मांगों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती है, तो मोर्चा जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा। हमारा उद्देश्य टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि समाज को उसके अधिकार दिलाना और बच्चों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना है।”
**चुनावी समर्थन का आधार होंगी समाज की मांगें**
आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने कहा कि राजनीतिक दलों को मुस्लिम समाज की मांगों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। मोर्चा किसी भी दल के समर्थन पर निर्णय लेते समय केवल चुनावी वादों के बजाय समाज के हित में ठोस कदम उठाने की प्रतिबद्धता को महत्व देगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, सामाजिक विकास और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। समाज की समस्याओं को नजरअंदाज करने से उनका समाधान नहीं होगा। सरकार और राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करें और व्यावहारिक कदम उठाएं।
**शिक्षा के बिना समाज की तरक्की अधूरी : हाजी परवेज़ सिद्दीकी**
हाजी मोहम्मद परवेज़ सिद्दीकी ने कहा कि किसी भी समाज की तरक्की की मजबूत नींव शिक्षा होती है। मुस्लिम बच्चों को आधुनिक शिक्षा और उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सरकार, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने मोर्चे के पदाधिकारियों से भी अपील की कि वे समाज की समस्याओं को संगठित तरीके से संबंधित अधिकारियों और विभागों तक पहुंचाएं, ताकि उनका समाधान कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा सकें।
**पंजाब में संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने पर जोर**
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंजाब प्रधान सरवर गुलाम सबा ने कहा कि मुस्लिम समाज की तरक्की के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने मदरसा कौंसिल के गठन की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि मुस्लिम बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बेहतर सुविधाएं और समान अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मोर्चा पंजाब में संगठन को मजबूत करते हुए समाज की समस्याओं को सरकार और संबंधित विभागों तक पहुंचाएगा।
मोर्चे के पंजाब इंचार्ज मेहरदीन सैफी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य मुस्लिम समाज की लंबित मांगों को एकजुट होकर उठाना और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि गांवों और शहरों में संगठन का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों की समस्याओं को सामने लाया जा सके। सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
**कई वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद**
बैठक में गुज्जर विभाग के चेयरमैन फिरोजदीन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हज़ूर कसाना उर्फ पहु , फरीद अली, फिरोज सैफी, फरीद खान, मौलाना अतहर, कारी गय्यूर, मौलाना नसीम, साबिर आलम सहित मोर्चे के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में समाज की शैक्षणिक और सामाजिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाने, मदरसा कौंसिल के गठन की मांग को आगे बढ़ाने तथा मुस्लिम समाज के अधिकारों और बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।
