कुछ सेकंड की जल्दबाज़ी, पूरी ज़िंदगी पर भारी – रेलवे ट्रैक पार करने से बचें: मालदा मंडल का सतत सुरक्षा जागरूकता अभियान
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।
एक क्षण की जल्दबाज़ी, थोड़ी सी असावधानी या रेलवे सुरक्षा नियमों की अनदेखी कई बार गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन जाती है। मालदा मंडल द्वारा लगातार यह देखा गया है कि ऐसी घटनाओं में अनमोल मानव जीवन की हानि होती है, जिससे परिवारों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसी संदर्भ में मंडल द्वारा निरंतर जागरूकता अभियान चलाकर यात्रियों एवं आमजन को सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि ऐसे दुखद हादसों को रोका जा सके और सभी के लिए सुरक्षित रेल परिवेश सुनिश्चित किया जा सके।
इसी क्रम में, रेलवे ट्रैक से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशी दुर्घटना की घटनाओं को भी गंभीरता से लिया गया है। चूंकि पशुधन अनेक परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है, मालदा मंडल द्वारा स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए उन्हें जागरूक किया जा रहा है कि वे अपने मवेशियों को रेलवे ट्रैक से दूर रखें। यह प्रयास न केवल पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि रेलवे संचालन को भी सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने में सहायक है।
इसके बावजूद, अनधिकृत स्थानों से रेलवे ट्रैक पार करना, फुट ओवर ब्रिज (FOB) का उपयोग न करना, खेतों एवं ग्रामीण मार्गों से रेलवे भूमि पर होकर गुजरना तथा ट्रैक के अत्यंत निकट चलना जैसी असुरक्षित गतिविधियां मंडल के विभिन्न स्थानों से सामने आ रही हैं। इसके अतिरिक्त, यात्रियों द्वारा फुटबोर्ड पर यात्रा करना, कोच के दरवाजों पर खड़े रहना तथा चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने का प्रयास करना भी गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।
वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान, मालदा मंडल में अनधिकृत ट्रैक पार करने के कारण 205 मानव दुर्घटनाएं तथा 237 मवेशी दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जो सतत व्यवहार परिवर्तन एवं व्यापक जन-जागरूकता की तत्काल आवश्यकता को दर्शाती हैं। मालदा टाउन–गुमानी, भागलपुर–किउल, बरहरवा–साहिबगंज तथा भागलपुर–बांका जैसे संवेदनशील खंडों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है, जहां ऐसी घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक दर्ज की जाती हैं।
*मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन एवं मंडल सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ, मालदा श्री आशीम कुमार कुल्लू के पर्यवेक्षण में,* मालदा मंडल की रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा स्टेशनों, रेलवे क्रॉसिंग, आसपास के गांवों एवं शैक्षणिक संस्थानों में निरंतर सघन सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इन अभियानों का उद्देश्य यात्रियों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों के साथ सीधे संवाद स्थापित कर सुरक्षित रेलवे व्यवहार के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना है।
मालदा टाउन, भागलपुर, साहिबगंज, बड़हरवा, जमालपुर, जंगीपुर रोड एवं न्यू फरक्का में तैनात आरपीएफ कर्मी नियमित रूप से यात्रियों, स्थानीय लोगों एवं निवासियों से संवाद स्थापित कर उन्हें ट्रैक पार करने के खतरों, असुरक्षित यात्रा व्यवहार एवं रेलवे परिसंपत्तियों के निकट लापरवाही के प्रति जागरूक कर रहे हैं। विशेष रूप से स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रमों पर बल दिया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी इस संदेश को अपने परिवारों तक पहुंचा सकें।
मंडल द्वारा फुट ओवर ब्रिज (FOB), रोड ओवर ब्रिज (ROB), सबवे एवं अधिकृत लेवल क्रॉसिंग के अनिवार्य उपयोग पर जोर दिया जा रहा है तथा किसी भी प्रकार के ट्रैक पार करने या रेलवे लाइन के पास असुरक्षित गतिविधियों को सख्ती से हतोत्साहित किया जा रहा है। यात्रियों को बार-बार यह सलाह दी जा रही है कि वे चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें तथा किसी भी परिस्थिति में फुटबोर्ड पर यात्रा से बचें।
मालदा मंडल सभी यात्रियों एवं आमजन से अपील करता है कि वे रेलवे सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें, क्योंकि जिम्मेदार व्यवहार न केवल जीवन कीमम रक्षा करता है, बल्कि सुरक्षित एवं सुचारु रेल परिचालन सुनिश्चित करने में भी सहायक होता है।
मालदा मंडल एक सुरक्षित, जिम्मेदार एवं दुर्घटना-मुक्त रेलवे वातावरण के निर्माण के उद्देश्य से अपने सतत जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियानों को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
