बिहार कृषि विश्वविद्यालय में 300 से अधिक वैज्ञानिकों का महासंगम: खरीफ-2026 हेतु अनुसंधान रणनीति पर होगा मंथन।
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार।
भागलपुर ,बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के अनुसंधान निदेशालय द्वारा आयोजित 31वीं अनुसंधान परिषद बैठक (आरसीएम-खरीफ 2026) का शुभारंभ 19 जून 2026 को प्रातः 9:30 बजे विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार, बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर में होगा। बैठक का उद्घाटन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह करेंगे।
इस अवसर पर अनुसंधान निदेशक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि दो दिवसीय इस महत्वपूर्ण बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों एवं क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्रों से 300 से अधिक वैज्ञानिक भाग लेंगे। बैठक के दौरान लगभग 250 शोध प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी, जिनमें गत वर्ष संपादित अनुसंधान कार्यों की उपलब्धियों, निष्कर्षों एवं तकनीकी अनुशंसाओं की समीक्षा की जाएगी। वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ कृषि क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों पर चर्चा करते हुए आगामी खरीफ मौसम के लिए अनुसंधान प्राथमिकताओं एवं तकनीकी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेंगे।
बैठक में कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा क्षेत्र के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इनमें—
1. डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों, पूर्व कुलपति, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना
2. डॉ. एन. पी. सिंह, सहायक महानिदेशक (अंतरराष्ट्रीय संबंध), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली
3. डॉ. देवेन्द्र सिंह, निदेशक, गन्ना अनुसंधान संस्थान, पुसा, समस्तीपुर
4. डॉ. दिनेश कुमार, प्रधान वैज्ञानिक, आईसीएआर-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (सीआईएसएच), लखनऊ
5. डॉ. आसना उरोज, पूर्व प्रोफेसर एवं अध्यक्ष, खाद्य विज्ञान एवं पोषण विभाग, मैसूर विश्वविद्यालय, मैसूर
बैठक के अवसर पर अनुसंधान निदेशालय द्वारा तैयार की गई अनेक महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी किया जाएगा। इनमें वार्षिक अनुसंधान प्रतिवेदन 2025-26, एजेंडा नोट्स (खरीफ-2026), तकनीकी कार्यक्रम (खरीफ-2026), बिहार में कीटनाशी अवशेष स्थिति रिपोर्ट, किसानों की किस्मों के संरक्षण संबंधी प्रकाशन, पीएमडीडीकेवाई रणनीतिक रोडमैप, बीएयू पोषण मार्गदर्शिका, स्टार्टअप एवं नवाचार वर्षपुस्तिका तथा अन्य तकनीकी प्रकाशन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न महाविद्यालयों एवं विभागों द्वारा तैयार प्रयोगशाला मैनुअल एवं अन्य वैज्ञानिक प्रकाशनों का भी लोकार्पण किया जाएगा।
डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अनुसंधान परिषद की यह बैठक विश्वविद्यालय की सर्वोच्च वैज्ञानिक समीक्षा एवं नियोजन प्रक्रिया है, जिसमें विभिन्न फसलों, बागवानी, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि अभियंत्रण, पशुपालन तथा संबद्ध क्षेत्रों में किए गए अनुसंधान कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी तथा आगामी खरीफ मौसम के लिए अनुसंधान कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठक में प्राप्त सुझावों एवं अनुशंसाओं के आधार पर विश्वविद्यालय की आगामी अनुसंधान गतिविधियों की दिशा निर्धारित की जाएगी। यह बैठक बिहार की कृषि को अधिक उत्पादक, लाभकारी, जलवायु-अनुकूल एवं किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
