रुक्मणी विवाह की मनमोहक झांकी ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर, जगदीशपुर में महायज्ञ का सातवां दिन सम्पन्न
रिपोर्ट संजीव कुमार शर्मा भागलपुर बिहार
जगदीशपुर में व्यास पीठाधिपति परम पूज्य बालक स्वामी जी श्री केशवाचार्य जी महाराज के सानिध्य में चल रहे श्री श्री 1008 श्री लक्ष्मी नारायण पंचकुंड महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के सातवें दिन भक्तिमय माहौल अपने चरम पर पहुंच गया।
कथा के दौरान रुक्मणी विवाह प्रसंग की भावपूर्ण व्याख्या की गई, जिसके साथ प्रस्तुत की गई आकर्षक झांकी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुरादाबाद से आए राहुल और उनके ग्रुप द्वारा प्रस्तुत सुंदर-सुंदर झांकियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। दर्शकों ने भक्ति और कला के इस अद्भुत संगम का भरपूर आनंद उठाया।
इससे पूर्व सुबह 9:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ का शुभारंभ हुआ। यज्ञशाला में आचार्य बीरबल मंडल, नीरज पंजियारा, अशोक साह, चंदन कुमार, रतन कुमार एवं गोपाल साह ने विधि-विधान से मंत्रोच्चारण करते हुए आहुति अर्पित की।
वहीं यज्ञशाला परिसर में बने राम दरबार में निरंतर रामधुन का आयोजन भी जारी रहा। आचार्य तुलसी यादव ने पंडित प्रह्लाद झा के मंत्रोच्चार के साथ सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विधिवत पूजन कराया, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
महायज्ञ के सातवें दिन की भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा ने श्रद्धालुओं के मन में गहरी आस्था और श्रद्धा का संचार किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जो पूरे आयोजन को सफल और यादगार बना रही है।
