भागलपुर में महिला आरक्षण पर गरजीं नेता, 2029 तक 33% आरक्षण लागू करने का दावा।
संवाददाता शुभम कुमार भागलपुर/बिहार
भागलपुर में आयोजित जन-आक्रोश महिला सम्मेलन के दौरान महिला आरक्षण को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई प्रेस वार्ता में बिहपुर बिधायक इंजीनियर शैलेंद्र ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है वक्ताओं ने कहा कि भारत सदियों से नारी शक्ति का पूजक रहा है, लेकिन राजनीति में महिलाओं की भागीदारी हमेशा सीमित रही। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने वर्षों तक महिला सशक्तिकरण के नाम पर केवल राजनीति की लेकिन संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए नेताओं ने बताया कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में संविधान संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश विधेयक पेश किए गए हैं। इनका उद्देश्य 2029 तक लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना है।वक्ताओं ने कहा कि यह सिर्फ आरक्षण नहीं, बल्कि लोकतंत्र में महिलाओं की निर्णायक भागीदारी की शुरुआत है। उनका दावा है कि इससे देश की राजनीति में संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और संतुलन का नया अध्याय शुरू होगा
बाइट — बिहपुर बिधायक इंजीनियर शैलेंद्र
बाइट — डॉ प्रीति शेखर प्रवक्ता भाजपा भागलपुर बिहार
