प्राणियों में सद्भावना से ही विश्व कल्याण संभव है- अवनीश भटनागर
29 मई 2026 शुक्रवार को भारती शिक्षा समिति बिहार एवं शिशु शिक्षा प्रबंध समिति बिहार के तत्वावधान में आयोजित किया गया ।
रिपोर्ट – अमरजीत कुमार तिवारी भागलपुर/ बिहार
सैनिक स्कूल गणपत राय सलारपुरिया सरस्वती विद्या मंदिर नरगाकोठी में चल रहे नवीन आचार्य प्रशिक्षण वर्ग एवं सेवा स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग के छठे दिन का प्रारंभ विद्या भारती के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर, गयाजी के विभाग निरीक्षक उमाशंकर पोद्दार, बांका के विभाग निरीक्षक ब्रह्मदेव प्रसाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
विद्या भारती के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष अवनीश भटनागर ने कहा कि भारतीय शिक्षा सीखने पर आधारित है। एक शिक्षक के रूप में हमें सिर्फ वातावरण का निर्माण करना है छात्र स्वयं सीखते हैं। सिखाने वाले छात्रों के अंदर श्रद्धा, तत्परता एवं मन पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। शिक्षा के माध्यम से परिवार ,समाज,देश एवं विश्व कल्याण की बातें होती है। व्यक्ति का सर्वांगीण एवं समग्र विकास परिवार, समाज, राष्ट्र एवं सृष्टि से होता है। प्राणियों में सद्भावना से ही विश्व कल्याण संभव है ।पांच ज्ञानेंद्रिय एवं पांच कर्मेंद्रियां को ज्ञानार्जन का साधन अर्थात करण कहा गया है। भैया बहनों के व्यक्तित्व का विकास अन्नमय कोश,प्राणमय कोश,मनोमय कोश,विज्ञानमय कोश एवं आनंदमय कोश के आधार पर होता है।इन पाँच कोशों के सक्रिय होने से छात्रों का सम्पूर्ण व्यक्तित्व खिल जाता है और वह समाज,राष्ट्र तथा विश्व कल्याण के लिए उपयोगी नागरिक बन पाता है जिससे उनके अंदर निःस्वार्थ सेवा कार्य,प्रकृति के प्रति प्रेम और जीवन में सदाचार व सादगी के मूल्यों की भावना जागृत हो सके।
अतिथि परिचय गयाजी के विभाग निरीक्षक उमाशंकर पोद्दार द्वारा किया गया।
इस अवसर पर वर्ग के प्रधानाचार्य सतीश कुमार सिंह, पूर्णकालिक ब्रह्मदेव प्रसाद, धरणीकांत पांडेय, वीरेंद्र कुमार, गंगा चौधरी ,परमेश्वर कुमार ,लाल बाबू प्रसाद डॉ रमेश मणि पाठक, राकेश पांडेय,जीवन राठौर ,शंभू कुमार ,सुशील कुमार, संजय कुमार, जितेंद्र प्रसाद, शशि भूषण मिश्र, गुरुदेव कुमार रिचा कुमारी , राखी कुमारी, रिंकू कयाल एवं सभी प्रशिक्षणार्थी आचार्य उपस्थित थे।
मीडिया प्रभारी
शशि भूषण मिश्र
