किशनगंज पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह का किया पर्दाफाश, गीता देवी हत्याकांड सुलझा; सरगना समेत चार गिरफ्तार
किशनगंज: किशनगंज पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के कथित सरगना समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इसी गिरोह ने कुर्लीकोट थाना क्षेत्र के भैसलोटी गांव में चोरी के दौरान विरोध करने पर गीता देवी की हत्या की थी। तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए हत्या में इस्तेमाल कथित लोहे का रॉड, मोबाइल फोन और मृतका का चोरी गया सोने का बेसर बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार, दरभंगा निवासी गीता देवी अपने देवर की शादी में शामिल होने के लिए भैसलोटी गांव आई थीं। 15 मई की रात उनकी हत्या हो गई थी। घटना के बाद मृतका के चचेरे भाई देव पासवान ने गीता देवी के पति विमल पासवान पर मारपीट और हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू की।
तकनीकी जांच से हुआ खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-02 मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। प्रभारी पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला के निर्देशन में जिला सूचना इकाई (डीआईयू) ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
15 जुलाई को पुलिस ने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के नक्सलबाड़ी थाना क्षेत्र निवासी नूर आलम उर्फ मो. नाजिर उर्फ नूर को घटना में इस्तेमाल किए गए कथित मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की।
चोरी का विरोध करने पर की हत्या
पुलिस के मुताबिक, घटना की रात गिरोह के सदस्य भैसलोटी गांव में चोरी करने पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने एक घर में प्रवेश कर परिवार के अन्य सदस्यों के कमरे को बाहर से बंद कर दिया। दूसरे कमरे में गीता देवी अकेली सो रही थीं।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गीता देवी की नाक में पहना सोने का बेसर खींचने का प्रयास किया, जिससे वह जाग गईं और एक आरोपी का हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर ताला तोड़ने के लिए साथ लाए लोहे के रॉड से उनके सिर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल गीता देवी की बाद में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि घटनास्थल से भागते समय आरोपियों ने खून लगा रॉड झाड़ियों में फेंक दिया था, जिसे बाद में बरामद कर लिया गया।
सात चोरी के मामलों का भी खुलासा
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर सुखानी, पौआखाली, कुर्लीकोट, पोठिया और ठाकुरगंज थाना क्षेत्रों में गृहभेदन और मंदिर चोरी के कुल सात मामलों का भी उद्भेदन हुआ है।
गिरफ्तार आरोपियों में नूर आलम उर्फ मो. नाजिर उर्फ नूर, इसराईल उर्फ भेलसा उर्फ काना रसीद, तबिरउद्दीन और सलीम खान शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, नूर आलम के खिलाफ बिहार और पश्चिम बंगाल में आठ से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है।
बड़ी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कथित लोहे का रॉड, मोबाइल फोन, मृतका का सोने का बेसर, सोने के दो कंगन, कान की बालियां व झुमके, चांदी की पांच जोड़ी पायल, टिकुली, अंगूठियां, बाजूबंद, बिछिया, कमरधानी, नौ साड़ियां, ब्लूटूथ स्पीकर तथा पीतल के विभिन्न बर्तन सहित बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद करने का दावा किया है।
एसआईटी टीम को मिलेगा पुरस्कार
पुलिस ने बताया कि मामले के सफल खुलासे में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-02 मनोज कुमार सिंह, जिला सूचना इकाई प्रभारी पुलिस निरीक्षक मो. मुश्ताक, ठाकुरगंज अंचल निरीक्षक पंकज कुमार पंथ, विभिन्न थाना प्रभारियों, डीआईयू टीम और संबंधित थानों के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस उपलब्धि के लिए एसआईटी टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।
