संवाददाता मनोज कुमार कटिहार बिहार
कटिहार रेल मंडल ने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्टेशनों पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) के संचालन की जिम्मेदारी दिव्यांगजनों को सौंपने का निर्णय लिया है। मंडल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति (डीआरयूसीसी) की बैठक में डीआरएम, एन.एफ. रेलवे कटिहार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की।
डीआरयूसीसी बैठक में उठी थी मांग
यह निर्णय डीआरयूसीसी सदस्य शिव शंकर रमानी के नेतृत्व में आयोजित बैठक में लिया गया। उन्होंने दिव्यांगजनों को सम्मानजनक रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता दिलाने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव रखा, जिसे डीआरएम ने स्वीकार कर लिया।
12 सूत्री मांगों पर भी हुई चर्चा
बैठक में प्रस्तुत 12-सूत्रीय मांग पत्र के अन्य बिंदुओं पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। यात्री सुविधाओं के विस्तार और रेल सेवाओं में सुधार को लेकर कई प्रस्तावों पर प्रशासन ने सहमति जताई।
नई ट्रेनों के परिचालन का प्रस्ताव
बैठक में कटिहार से भागलपुर (मालदा मार्ग), मैसूर (बेंगलुरु मार्ग), देवघर, दरभंगा और सहरसा के लिए नई ट्रेनों के परिचालन के प्रस्ताव पर भी समीक्षा की गई। वहीं मनिहारी टर्मिनल स्टेशन पर जानकी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग पर जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
रैंप और रेल फाटक बनाने पर बनी सहमति
कटिहार स्टेशन के पूर्वी हिस्से में दिव्यांगों और बुजुर्गों की सुविधा के लिए रैंप निर्माण तथा बिनोदपुर पुराना जूट मिल गेट के पास गौशाला मार्ग पर नया रेल फाटक बनाने के प्रस्ताव पर भी प्रशासनिक सहमति बनी।
दिव्यांग बोगियों में अनाधिकृत प्रवेश पर होगी सख्ती
बैठक में दिव्यांग कोच में अनधिकृत यात्रियों के प्रवेश पर कड़ी कार्रवाई करने और स्टेशनों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से जागरूकता संबंधी घोषणाएं कराने का भी निर्णय लिया गया।
‘दिव्यांगों के लिए बड़ी उपलब्धि’
डीआरयूसीसी सदस्य शिव शंकर रमानी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कटिहार रेल मंडल और दिव्यांग समुदाय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे दिव्यांगजनों को सम्मानजनक रोजगार के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
