कटिहार डीएम ने मॉडल स्कूल में छात्रों को पढ़ाया: निरीक्षण कर शिक्षा को बताया सफलता की नींव, मेहनत और अनुशासन पर दिया जोर

कटिहार डीएम ने मॉडल स्कूल में छात्रों को पढ़ाया: निरीक्षण कर शिक्षा को बताया सफलता की नींव, मेहनत और अनुशासन पर दिया जोर

संवाददाता मनोज कुमार कटिहार बिहार

कटिहार के जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने गुरुवार को अपने क्षेत्र भ्रमण के दौरान आजमनगर स्थित सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) और आर.के. उच्च विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा में बैठकर छात्रों को स्वयं पढ़ाया और उन्हें मेहनत तथा अनुशासन का संदेश दिया।
विद्यालय पहुंचने पर डीएम ने शिक्षकों और प्रबंधन से शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति और शिक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी सीधे कक्षा में गए और छात्र-छात्राओं के बीच बैठकर उन्हें पढ़ाया। उन्होंने विद्यार्थियों से विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे और उनकी समझ का आकलन किया। छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।
द्विवेदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन में सफलता की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने छात्रों से नियमित रूप से विद्यालय आने, समय का सदुपयोग करने और एकाग्रता के साथ पढ़ाई करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि ईमानदारी और लगन से अध्ययन करने पर विद्यार्थी अपने परिवार, विद्यालय और जिले का नाम रोशन करेंगे।
विद्यालय भ्रमण के दौरान, डीएम ने शिक्षकों से भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए और उन्हें बेहतर वातावरण प्रदान किया जाए, ताकि वे अपनी प्रतिभा का पूर्ण विकास कर सकें। उन्होंने विद्यालय में अनुशासन, स्वच्छता और नियमित शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
छात्र-छात्राओं ने जिला पदाधिकारी के साथ इस विशेष संवाद और उनके द्वारा पढ़ाए गए पाठ को एक यादगार अनुभव बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि किसी जिला पदाधिकारी का स्वयं कक्षा में आकर पढ़ाना उनके लिए प्रेरणादायक रहा और इससे उन्हें पढ़ाई के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह मिला।
विद्यालय प्रशासन ने डीएम के इस दौरे को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे निरीक्षण और संवाद से बच्चों का मनोबल बढ़ता है, साथ ही शिक्षकों को भी शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर बनाने की प्रेरणा मिलती है।

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