RAWE विद्यार्थियों ने NABARD के मुख्य महाप्रबंधक के साथ किया संवाद

डेस्क/बिहार
लोकेशन/भागलपुर
रिपोर्ट/अमित कुमार
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RAWE विद्यार्थियों ने NABARD के मुख्य महाप्रबंधक के साथ किया संवाद

आज 20 सितम्बर को कृषि विज्ञान केंद्र, भागलपुर द्वारा ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम के अंतर्गत RAWE विद्यार्थियों के लिए नाबार्ड (NABARD) के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) श्री गौतम कुमार सिंह के साथ विशेष संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को ग्रामीण विकास, कृषि उद्यमिता, रोजगार के अवसर, कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं परियोजना विकास तथा नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।

इस अवसर पर श्री गौतम कुमार सिंह, मुख्य महाप्रबंधक, NABARD ने विद्यार्थियों को नाबार्ड के कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण विकास, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों, कृषि उद्यमिता तथा रोजगार सृजन के लिए नाबार्ड द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि नाबार्ड द्वारा नवाचार एवं परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने तथा वित्तीय सहायता प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जाता है। साथ ही, उन्होंने इन्क्यूबेशन सेंटर की भूमिका एवं कृषि क्षेत्र में नवाचारों को उद्यम के रूप में विकसित करने की संभावनाओं से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया। श्री सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र, भागलपुर में कृषि पर्यटन (Agri-Tourism) के विकास में सहयोग करने का आश्वासन भी दिया।

डॉ. आर. के. सोहाने, निदेशक प्रसार शिक्षा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने RAWE कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए “One Student, One Farmer, One Solution” (एक विद्यार्थी, एक किसान, एक समाधान) की अवधारणा पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझें तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप व्यावहारिक एवं उपयोगी समाधान विकसित करने का प्रयास करें।

डॉ. अनीता कुमारी, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान, कृषि विज्ञान केंद्र, भागलपुर ने कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका एवं किसानों के हित में किए जा रहे विभिन्न प्रसार एवं तकनीकी कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि KVK में कृषि पर्यटन (Agri-Tourism) के विकास की संभावनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों, किसानों एवं आमजन को कृषि की आधुनिक तकनीकों, कृषि आधारित गतिविधियों एवं उद्यमिता से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान सुश्री अदिति पांडेय एवं सुश्री स्वप्निल द्वारा “One Student, One Farmer, One Solution” विषय पर प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति के माध्यम से किसानों की समस्याओं को समझने, उनका दस्तावेजीकरण करने तथा व्यावहारिक समाधान विकसित करने में विद्यार्थियों की भूमिका को रेखांकित किया गया।

संवाद कार्यक्रम के माध्यम से RAWE विद्यार्थियों को नाबार्ड की योजनाओं, ग्रामीण विकास, कृषि उद्यमिता, नवाचार, परियोजना निर्माण, इन्क्यूबेशन तथा रोजगार के अवसरों से संबंधित उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई। इस संवाद ने विद्यार्थियों को कृषि शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव एवं उद्यमिता से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में डॉ. आर. के. सोहाने, निदेशक प्रसार शिक्षा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर; डॉ. अभय मंकर, उप निदेशक प्रशिक्षण, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर; डॉ. अनीता कुमारी, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान, कृषि विज्ञान केंद्र, भागलपुर; डॉ. एम. जे. होता, विषय वस्तु विशेषज्ञ (पशु विज्ञान); डॉ. पवन कुमार, विषय वस्तु विशेषज्ञ (कीट विज्ञान); सुश्री स्वाति कुमारी, विषय वस्तु विशेषज्ञ (शस्य विज्ञान); श्री नितेश कुमार, एजीएम, नाबार्ड तथा श्री ललन कुमार, एजीएम, नाबार्ड सहित बिहार कृषि विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, वैज्ञानिक एवं RAWE विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों, नाबार्ड के अधिकारियों, बिहार कृषि विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के बीच प्रश्नोत्तर एवं संवाद सत्र के साथ हुआ।

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