12 साल बाद मिली संतान, अब बेटे के साथ दंड यात्रा पर निकला पिता; भोलेनाथ से बेटी की मन्नत
रिपोर्ट संजीव कुमार शर्मा भागलपुर बिहार
भागलपुर सावन के महीने सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले पैदल श्रद्धालुओं की संख्या सबसे जायदा होती है. लेकिन सबसे कठिन दंड यात्रा होती है. इस यात्रा को पूरा करने में तकरीबन 2 से 3 महीने का वक़्त लग जाता है. भोलेनाथ जब मनोकामना पूरी कर देते हैं तब श्रद्धालु इस यात्रा को शुरू करते हैं. इसके बावजूद शिव के भक्त इस कठिन यात्रा को बाबा की कृपा से बड़े ही आसानी से पूरा करते हैं. इस सावन दंड यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सबसे जायदा है जिसमें छोटे बच्चे और महिला शिव भक्त भी शामिल हैं. बांका के फूलीडूमर निवासी मंटू कुमार को शादी के 12 वर्ष बाद तक जब औलाद का सुख प्राप्त नहीं हुआ तो उसने भोलेनाथ से कामना की चाहिए उसे औलाद हो, भोलेनाथ ने उसकी प्रार्थना सुनी और उसके घर पुत्र रूप में संतान की प्राप्ति हुई, अब मंटू दूसरे क्लास में पढ़ रहे अपने पुत्र अंकुश के साथ दंड देते भोलेनाथ के दरबार जा रहे हैं, मंटू बोलते हैं कि भोलेनाथ सबों की मुरादे पूरी करते हैं और इस बार अब भोलेनाथ से घर में एक बच्ची हो जाए इस मन्नत के साथ जा रहे हैं,वहीँ कठिन यात्रा यानी दंड यात्रा पर अपने पिता के साथ निकले अंकुश जीवन में आगे चलकर कामयाब बने यही मन्नत लेकर वह भोलेनाथ को जलाभिषेक करने जा रहा है,
