देशी मास्केट व कारतूस के साथ पकड़े जाने के बाद घटना, चार घंटे की खोजबीन के बाद भी नहीं मिला आरोपी
रिपोर्ट संजीव कुमार शर्मा भागलपुर बिहार
जगदीशपुर थाना क्षेत्र के सैदपुर घाट के समीप शनिवार को हथियार के साथ पकड़ा गया आर्म्स एक्ट का आरोपी पुलिस को चकमा देकर सिपाही को साथ लेकर चांदन नदी की उफनती तेज धार में कूद गया। सिपाही किसी तरह तैरकर नदी से बाहर निकल आया, जबकि आरोपी संतोष यादव का चार घंटे की खोजबीन के बाद भी पता नहीं चल सका। घटना के बाद उसके नदी में डूबने की आशंका को लेकर चर्चा फैल गई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि नदी में छलांग लगाने के बाद आरोपी दूसरे किनारे निकलकर फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि मोहदीपुर गांव निवासी संतोष यादव हथियार लेकर चांदन नदी में मौजूद है। सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे एक देशी मास्केट और एक कारतूस के साथ नदी में बने छाड़न के पास से पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस टीम उसे पैदल चचरी पुल पार कराकर नदी से बाहर खड़े वाहन तक ले जा रही थी।
इसी दौरान चचरी पुल पार करते समय संतोष यादव ने अचानक उसे पकड़ने वाले सिपाही को पकड़ लिया और दोनों को लेकर नदी की तेज धार में छलांग लगा दी। घटना इतनी अचानक हुई कि पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, इससे पहले दोनों पानी में जा चुके थे। सिपाही किसी तरह तैरकर नदी से बाहर निकल आया, लेकिन संतोष यादव का पता नहीं चला।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी। परिजनों का कहना है कि पुलिस से पीछा किए जाने के दौरान संतोष नदी में कूद गया और उसके बाद से लापता है। वहीं, पुलिस का कहना है कि नदी में छलांग लगाने के बाद आरोपी दूसरे किनारे पहुंचकर वहां से फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी के पास से बरामद देशी मास्केट और कारतूस जब्त कर लिया है। थानाध्यक्ष रामचंद्र सिंह ने बताया कि संतोष यादव के हथियार के साथ चांदन नदी में मौजूद होने की सूचना मिली थी। कार्रवाई कर उसे हथियार के साथ पकड़ा गया था, लेकिन वह एक सिपाही को साथ लेकर नदी में कूद गया। आरोपी की तलाश की जा रही है।
बताया जाता है कि संतोष यादव के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वह करीब दो महीने पहले ही जेल से बाहर आया था।
आरोपी की तलाश में जगदीशपुर अंचल अधिकारी सतीश कुमार के आदेश पर कर्मचारी अमरजीत कुमार निराला, एसडीआरएफ के हवलदार मिथिलेश, गोपाल कुमार, इंद्रजीत कुमार पासवान, रविशंकर झा, नितेश कुमार तथा आपदा मित्र अमित कुमार, तुलसी यादव और सनोज पासवान समेत अन्य ने करीब चार घंटे तक नदी में खोजबीन की, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला।
