अमित कुमार
बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर के बैठक सभागार में आज 24 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) दिवस के अवसर पर अपराह्न 3:00 बजे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की सह अधिष्ठाता-सह प्राचार्य डॉ. रूबी रानी ने की। इस अवसर पर अकादमिक प्रभारी डॉ. चंदा कुशवाहा, डॉ. स्वप्निल भारती, महाविद्यालय के वार्डन डॉ. वीरेंद्र कुमार, एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुबोर्ना रॉय चौधरी सहित एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने एनएसएस स्थापना दिवस पर विश्वविद्यालय परिवार एवं सभी एनएसएस स्वयंसेवकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन, सामाजिक संवेदनशीलता एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आपदा की घड़ी में जरूरतमंदों के साथ खड़ा होना एनएसएस के मूल भाव “Not Me But You” को सार्थक करता है। उन्होंने स्वयंसेवकों को भविष्य में भी समाजोपयोगी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रूबी रानी ने एनएसएस के मूल मंत्र “Not Me But You” (स्वयं से पहले आप) को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों में सेवा भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता एवं मानवीय संवेदनशीलता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए धनराशि, खाद्य सामग्री एवं कपड़े एकत्र
एनएसएस दिवस के अवसर पर एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों से सहयोग राशि एकत्र की गई। इस अभियान के माध्यम से लगभग ₹50,000 की धनराशि जुटाई गई। इसके अतिरिक्त सूखा खाद्य पदार्थ एवं कपड़े भी एकत्र किए गए हैं। एकत्रित धनराशि, खाद्य सामग्री एवं कपड़ों को आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों के बीच राहत के रूप में वितरित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से एनएसएस स्वयंसेवकों ने आपदा की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होने तथा सेवा एवं सहयोग की भावना को व्यवहार में उतारने का संदेश दिया।
स्वयंसेवकों ने दिए प्रेरक भाषण और प्रस्तुत किए गीत
कार्यक्रम के दौरान एनएसएस के छात्र स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय सेवा योजना, सामाजिक उत्तरदायित्व, युवा शक्ति एवं राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर प्रेरक भाषण प्रस्तुत किए। स्वयंसेवकों ने अपने विचारों के माध्यम से समाज के प्रति युवाओं की जिम्मेदारी तथा “Not Me But You” की भावना को रेखांकित किया। इसके बाद स्वयंसेवकों ने देशभक्ति एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े गीतों की प्रस्तुति दी। गीतों की प्रस्तुति से कार्यक्रम का वातावरण उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायक हो गया। उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने स्वयंसेवकों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
अकादमिक प्रभारी डॉ. चंदा कुशवाहा ने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने तथा उनके व्यक्तित्व के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छात्रावास अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र कुमार ने एनएसएस दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थियों में सेवा और सहयोग की भावना विकसित करना शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के लिए एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा चलाए गए सहयोग अभियान की सराहना की तथा सभी स्वयंसेवकों को आगे भी सामाजिक सेवा गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुबोर्ना रॉय चौधरी ने एनएसएस की गतिविधियों एवं स्वयंसेवकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सेवा कार्यों के माध्यम से विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदनशीलता एवं जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित होती है। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अजय भारद्वाज, डॉ. राजेंद्र गौड़ा पाटिल एवं डॉ. स्नेह प्रभा ने भी स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें भविष्य में भी सामुदायिक सेवा गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापन में विशेष रूप से माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह के मार्गदर्शन एवं शुभकामनाओं के लिए भी आभार प्रकट किया। किया। उन्होंने इस सामूहिक प्रयास के लिए एनएसएस स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया एवं सभी दानदाताओं एवं सहयोगकर्ताओं को विशेष धन्यवाद दिया, जिन्होंने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए धनराशि, खाद्य सामग्री एवं कपड़े उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति द्वारा अपनी क्षमता के अनुसार किया गया सहयोग आपदा से प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण संबल है। उन्होंने को एनएसएस के “Not Me But You” के मूल भाव का जीवंत उदाहरण बताया।
कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों ने सेवा, सहयोग, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
