डेस्क बिहार भागलपुर 22-10-2026
रिपोर्ट संजीव कुमार शर्मा
भागलपुर बिहार
जयकारों के बीच मां दुर्गा की विदाई, भागलपुर में उमड़ा आस्था का सैलाब
निकाली गई भव्य शोभा यात्रा
भागलपूर नम आंखें, हाथों में श्रद्धा और जुबां पर मां दुर्गा के जयकारे… रेशमी नगरी भागलपुर में मां दुर्गा की विदाई का भावुक नजारा देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों की गूंज और भक्तिमय माहौल के बीच मां दुर्गा की प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। हर तरफ मां के जयकारे गूंजते रहे, तो वहीं भक्तों ने नम आंखों से मां को विदाई देते हुए अगले बरस फिर आने की प्रार्थना की। सुबह से शुरू हुआ प्रतिमा विसर्जन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। देखिए, भागलपुर से यह खास रिपोर्ट।
आस्था, भक्ति और भावनाओं का संगम… भागलपुर में मां दुर्गा की विदाई के दौरान कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों की थाप, जय माता दी के जयकारे और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मां की प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ विसर्जन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। भक्त मां को विदाई देते हुए अगले साल फिर आने की कामना करते नजर आए।
वहीं, दुर्गा पूजा महासमिति की मुख्य विसर्जन शोभायात्रा दोपहर तीन बजे स्टेशन चौक से शुरू हुई। शोभायात्रा में सबसे पहले परबत्ती पूजा समिति की प्रतिमा शामिल हुई। इसके बाद विसर्जन यात्रा वेराइटी चौक, खलीफाबाग चौक, कोतवाली चौक, नया बाजार, बूढ़ानाथ चौक, आदमपुर और खंजरपुर होते हुए मायागंज अस्पताल के पीछे स्थित मुशहरी घाट की ओर बढ़ी दुर्गा पूजा महासमिति के अध्यक्ष अभय घोष सोनू और महासचिव जयनंदन आचार्य के अनुसार, गुरुवार को कुल 45 प्रतिमाओं का विसर्जन होना है। इनमें 30 प्रमुख पूजा स्थलों की प्रतिमाएं मुख्य शोभायात्रा में शामिल रहीं। विसर्जन मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। स्टेशन चौक से लेकर खंजरपुर तक भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
विसर्जन शोभायात्रा के दौरान भक्ति के साथ मेले की रौनक भी देखने को मिली। सड़क किनारे सजी चाट-पकौड़े और खिलौनों की दुकानों पर लोगों की चहल-पहल बनी रही। बच्चे मेले का आनंद लेते नजर आए, तो बड़े श्रद्धा के साथ मां की अंतिम झलक पाने के लिए सड़कों पर मौजूद रहे। पूरा माहौल मां दुर्गा के जयकारों से गूंजता रहा।
हालांकि, बंगाली परंपरा के अनुसार दुर्गाबाड़ी, कालीबाड़ी और बरारी रिफ्यूजी कॉलोनी समेत कुछ स्थानों की प्रतिमाओं का विसर्जन विजयादशमी के दिन बुधवार को ही कर दिया गया था। वहीं, गुरुवार को निकली मुख्य विसर्जन शोभायात्रा में शामिल प्रतिमाओं के साथ श्रद्धालुओं ने मां को भावभीनी विदाई दी मां दुर्गा की विदाई के साथ ही नौ दिनों तक चले भक्ति और उत्साह के पर्व का समापन हुआ। भक्तों की आंखें नम थीं, लेकिन मन में अगले साल मां के फिर आगमन की उम्मीद थी
