रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार
स्मार्ट सिटी भागलपुर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा कोयला डिपो स्थित बस स्टैंड को स्थानांतरित कर बाईपास थाना के समीप रिक्शाडीह में एक अस्थायी बस स्टैंड का निर्माण कराया गया है। सोमवार को जिला प्रशासन ने इस अस्थायी बस स्टैंड को आनन-फानन में चालू कर दिया, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यह निर्णय यात्रियों और बस कर्मियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। बस मालिकों और कंडक्टरों का कहना है कि बस स्टैंड पर अब तक किसी भी प्रकार की ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। न तो बसों के खड़े होने की स्पष्ट व्यवस्था है और न ही यात्रियों के लिए यात्री शेड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे बस संचालन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं यात्रियों ने बताया कि अस्थायी बस स्टैंड पर शौचालय, पीने का पानी, लाइटिंग और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह नदारद हैं। रात के समय अंधेरे के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष परेशानी हो रही है। यात्रियों का आरोप है कि बिना किसी तैयारी के बस स्टैंड को चालू कर देना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। अस्थायी बस स्टैंड के शुरू होते ही टोटो और ऑटो चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। जहां पहले से बैजानी, फुलवरिया से भागलपुर जाने का किराया ₹10 था, वहीं अब रिक्शाडीह बस स्टैंड से भागलपुर का किराया बढ़ाकर ₹15 कर दिया गया है, जो लगभग डेढ़ गुना अधिक है। इससे आम यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि रिक्शाडीह स्थित अस्थायी बस स्टैंड को जल्द ही सभी मूलभूत सुविधाओं से लैस कर दिया जाएगा। प्रशासन के आश्वासन के बावजूद फिलहाल यात्रियों और बस कर्मियों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
