बिहार सरकार के माननीय मुख्यमंत्री महोदय सम्राट चौधरी से दोनों पत्रकारों ने किया फांसी की मांग।
रिपोर्ट – अमित कुमार भागलपुर/बिहार
बिहार में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारो ने माननीय मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए अपने आप को फांसी की सजा पाने की मांग को करते हुए कहनैय्या खंडेवाल ने बताया कि लोकतंत्र में पत्रकारों को सत्य दिखाना पड़ा महंगा ।बिहार में एनडीए के घटक दलों से पत्रकारों ने खाया क्या? और कमाया क्या?बस प्रिंस कुमार ने बिहार सरकार के राशन कार्ड योजना कार्य में गड़बड़ी को देखते हुए, इन्होंने आवाज किया उठाया कि इनको सत्य दिखाना इतना महंगा पड़ गया कि यूं माने तो जैसे कि बहुत बड़ी अपराध कर दिया हो। देश में इस तरह से देखें तो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहलाने वाले पत्रकार प्रिंस कुमार एवं मुझको बिल्कुल फांसी दो । क्योंकि SC-St केश में प्रिंस पर वैशाली जिला के महुआ थाना में झूठा केश दर्ज किया गया वहीं पत्रकार खंडेवाल ने अपने बीतें दिनों की बात बताई जिसमें इन्होंने कहा कि कहलगांव में सरकारी जमीन को भूमाफियाओं द्वारा करोड़ो में बेची गई थी और वर्तमान समय में भी बिक्री की जा रही है।बिहार सरकार की जमीन को बचाने के लिए पत्रकार खंडेवाल ने ठीक प्रिंस की तरह प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया तो इन पर भी झूठा sc st मुकदमा कर दिया गया था।
ये लोकतंत्र की हत्या नहीं है तो क्या है?अगर आपकी सरकार में सच दिखाना गुनाह है,अपराध है,तो बिहार के पत्रकारों के लिए एक मेमोरेंडम प्रस्ताव बिहार विधानसभा से पारित कर दीजिए ताकि झूठी खबरें ही दिखाई जाए वरना केश लाध दिया जाएगा क्योंकि आपकी सरकार में न्याय मिलने से रहा ।और हम पत्रकार आपकी सरकार से उम्मीद ही किया कर सकते हैं।सत्य खबरों को प्रकाशित करना मेरी उत्तरदायित्व है चाहे हम पत्रकार की जान क्यों ना जाए।
