“छात्रों पर लाठी नहीं, न्याय मिलेगा – हमारी एनडीए सरकार अपने वादे पर अडिग है |
संवाददाता शुभम कुमार बिहार
भागलपुर/पटना: छात्र जदयू बिहार प्रदेश के महासचिव सह- जदयू बिहार प्रदेश राजनैतिक सलाहकार समिति के सदस्य अजमल अशरफी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारी एनडीए सरकार छात्रों की आवाज को दबाने नहीं, बल्कि सुनने वाली सरकार है।
NEET/UG परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर प्रदेश भर के मेधावी छात्रों ने जब सड़क पर उतरकर न्याय मांगा, तो विपक्ष ने इसे अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का जरिया बना लिया। लेकिन हमारी एनडीए सरकार ने साबित कर दिया कि हम सत्ता के लिए नहीं, जनहित के लिए काम करते हैं।
इसी कर्तव्यबोध के तहत सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है:-
1. 26.07.2026, शाम 6 बजे से पहले हुए सभी शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में दर्ज FIR तत्काल वापस ली जाएंगी।
2. गिरफ्तार किए गए सभी छात्र-युवाओं को बिना शर्त रिहा किया जाएगा।
3. भविष्य में भी इस मामले में किसी पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
4. दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई कर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को जेल के पीछे भेजा जाएगा।
अजमल अशरफी ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “15 साल तक जंगलराज चलाने वाले आज संविधान और लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रहे हैं। जिन्होंने शिक्षा माफिया को पाला-पोसा, आज वही छात्रहित की बात कर रहे हैं। बिहार की जनता सब जानती है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी, केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन उर्फ़ ललन सिंह जी के नेतृत्व में एनडीए ने बिहार को बीमारू राज्य से निकालकर विकास के पथ पर ला खड़ा किया है। मेडिकल कॉलेज, परीक्षा केंद्र और रोजगार – ये सब एनडीए की देन है।
अंत में उन्होंने छात्रों से कहा – “आपका आंदोलन जायज था, आपकी लड़ाई हमारी लड़ाई है। आप पढ़ाई करें, हमारी एनडीए आपके साथ पुरे मज़बूती से कल भी खड़ा था, आज भी कड़ा है, और कल भी कड़ा रहेगी.
