किशनगंज: जिले के किशनगंज प्रखंड अंतर्गत महिंगाव, दौला एवं चकला पंचायतों में बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार महानंदा नदी के किनारे बिना किसी भय के लगातार अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और सरकारी संसाधनों को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक महिंगाव पंचायत के बांसबारी, मरवाटोली, गोविंदपुर, नुनिया फरसदांगी और बेलवा क्षेत्रों में अवैध खनन का कार्य जोरों पर है। वहीं दौला पंचायत के फुलबाड़ी, बसंतपुर, तालटोला, पोरलाबाड़ी, बलिया मंझोक और जन्मजय में भी इसी प्रकार की गतिविधियां चल रही हैं। इसके अलावा चकला पंचायत के बरारो घाट में भी महानंदा नदी के किनारे से बालू का अवैध उठाव किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिन स्थानों पर अवैध खनन हो रहा है, वहीं हर साल सरकार द्वारा फ्लड फाइटिंग (बाढ़ सुरक्षा) के कार्य भी कराए जाते हैं। इसके बावजूद इन क्षेत्रों में लगातार बालू निकासी से नदी के किनारों का कटाव बढ़ने और बाढ़ के खतरे में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी स्थानों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की गई है।
प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ती शिकायतों के बाद जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
